अडानी एग्री फ्रेश ने सेब बागवानों के लिए बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के मध्य अच्छी फसल मिट्टी की गुणवत्ता जांचने के लिए कैंप लगाया 

Untitled 12 copy 18

शिमला। हिमाचल प्रदेश के सेब बागवान पिछले कई वर्षों से मौसम की अनिश्चितता और मिट्टी की घटती सेहत से लगातार जूझ रहे हैं। अनियमित मौसम, कम चिलिंग आवर्स और अत्यधिक बारिश या ओलावृष्टि जैसे हालातों ने फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों पर भारी असर डाला है। ऐसे कठिन हालातों को देखते हुए, इस बार सीजन के तुरंत बाद अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड ने अपने रोहरू, सेंज और रामपुर स्थित सेंटर्स में बीते सोमवार से सॉइल टेस्टिंग महीने की शुरुआत कर, किसानों को मिट्टी की सही जांच और फसल सुधार का एक आसान रास्ता देने की कोशिश की है। इस साल अगस्त से अक्टूबर तक चले सेब खरीद सीजन में जहां कई संस्थानों ने किसानों से खरीद की, वहीं अदाणी ने भी लगभग 22 हजार टन सेब की ऐतिहासिक खरीद कर किसानों को तत्काल राहत देने का प्रयास किया। लेकिन असली चुनौती अभी भी खत्म नहीं हुई है। मिट्टी की गुणवत्ता में तेजी से कमी और उससे पैदा होने वाली फसल बीमारियाँ किसानों के लिए गंभीर चिंता हैं। प्रदेश की स्टेट एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने भी बागवानों को बार-बार सलाह दी है कि फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समय-समय पर मिट्टी की जांच करवाना बेहद जरूरी है। इसी दिशा में, अदाणी एग्री फ्रेश के इन प्रोक्योरमेंट सेंटर्स द्वारा शुरू किया गया सॉइल टेस्टिंग कार्यक्रम किसानों के लिए किफायती और उपयोगी साबित हो सकता है।

इस पहल के तहत एएएफएल से जुड़े किसानों को एक सैंपल मुफ्त की सुविधा तथा अन्य को मार्केट से कम कीमत पर यही सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह टेस्टिंग पूरी तरह वैज्ञानिक व प्रमाणित पद्धति से होगी, जिससे बागवानों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि उनकी जमीन में कौन-से पोषक तत्व कम हैं और क्या सुधार ज़रूरी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस तरह की पहल से प्रदेशभर के 5000 से अधिक किसानों को लाभ होगा। स्थानीय किसानों का भी मानना है कि मौसम पर भले ही हमारा वश नहीं, लेकिन मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाना हमारे हाथ में है। हिमाचल के सेब उत्पादकों के लिए यह पहल संकट के समय में और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि खरीदी सीजन के दौरान भी जहाँ कई निजी कंपनियों ने खरीदी घटा या रोक दी थी, वहीं अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड किसानों से लगातार खरीदी करता रहा और किसानों को सुविधा देने के लिए अपने प्रोक्योरमेंट सेंटर्स 24 घंटे खुले रखे। यहाँ तक कि आधी रात को पहुँचने वाले किसानों से भी सेब की खरीदी की जा रही थी।

Spread the love

Himachal Pradesh
Crime News Himachal

छह साल के बेटे को रावी नदी में फेंका, पुलिस के सामने कबूला अपराध

चंबा में पिता का खौफनाक कदम Father throws son into river: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पिता पर अपने छह वर्षीय बेटे को रावी नदी में धकेलने का आरोप है। घटना के बाद आरोपी खुद पुलिस चौकी पहुंचा और कथित तौर पर पुलिस को […]

Spread the love
Read More
Una tractor-trolley accident
Himachal

ऊना में श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, पांच साल की बच्ची समेत आठ घायल

Una tractor-trolley accident : हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीर निगाह से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के समय ट्रॉली में 20 से अधिक श्रद्धालु सवार बताए जा रहे हैं। दुर्घटना में […]

Spread the love
Read More
Chamba bus accident
accidents Himachal

चंबा में भीषण सड़क हादसा, बस के चालक-परिचालक समेत सात की मौत

Chamba bus accident:  हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालुज मोड़ के पास यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। […]

Spread the love
Read More