- कहा, बिगड़ने नहीं दी जाएगी देवभूमि की संस्कृति और पहचान
- डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर सतर्क रहने को कहा,जारी किए निर्देश
अशोक पांडेय
हल्द्वानी/नैनीताल। “गेट वे ऑफ कुमाऊं” कहा जाने वाले नैनीताल के हल्द्वानी शहर में नगर बस सेवा शुरु कर दी गयी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरी झंडी दिखाकर इस नयी बस सेवा को रवाना किया। पहले चरण में यह नगर बसें शहर के प्रमुख मार्गों पर चलेंगी और बाद में इस सेवा का विस्तार किया जाएगा। उम्मीद जतायी जा रही है कि इस सस्ती और बेहतर परिवहन सेवा से शहर में यातायात का दवाब कम होगा और शहरवासियों को राहत मिलेगी। इस मौके पर राज्य की सांस्कृतिक पहचान बिगड़ने न देने के निर्देशों के साथ उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकारों को भी कोसा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जनसंख्या संतुलन की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की लापरवाही के चलते कई जगहों पर जनसंख्या असंतुलन की स्थिति बनी, लेकिन अब राज्य सरकार पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है।
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नगर बस सेवा को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह सेवा हल्द्वानी शहर के लोगों के लिए एक बड़ा कदम है। इससे शहर के लोगों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इस पहल से शहर के यातायात पर दबाव कम होगा । इतना ही नहीं इसके संचालन के बाद प्रदूषण में कमी आने के साथ ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर उत्तराखंड परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर शुरू किया जाएगा, ताकि स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
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इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के डेमोग्राफिक परिदृश्य (जनसंख्या संरचना) को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ किया कि राज्य की सांस्कृतिक, पहचान और जनसंख्या संतुलन से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक बनावट को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देहरादून के पछवादून क्षेत्र समेत राज्य के कई हिस्सों में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव पर चिंता जताते हुए कहा कि अब सरकार ऐसे किसी भी बदलाव को नजरअंदाज नहीं करेगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को इस आशय के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने जिलों में डेमोग्राफिक पैटर्न पर सतर्क निगरानी रखें। सीएम धामी ने निर्देश दिए कि राशन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली कनेक्शन और परिवार रजिस्टर जैसे दस्तावेजों के आधार पर अपात्र व्यक्तियों की पहचान की जाए और जो लोग गलत तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान पहले की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों की लापरवाही के चलते कई जगहों पर जनसंख्या असंतुलन की स्थिति पैदा हुयी पर अब राज्य सरकार पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनसंख्या संरचना और सांस्कृतिक मूल्यों से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर सतर्क रहें और अपात्र रूप से सरकारी सुविधाएं लेने वालों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जनसंख्या संतुलन की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
