- हारकर कमिश्नर ने लगवाया हर जगह कैमरा
- ई-अटेंडेंस के जरिए अब विभाग में लगने लगी हाजिरी
- गार्ड, चपरासी से लेकर कंसलटेंट तक की भूमिका संदिग्ध
मुकेश मेहता
भोपाल। इसे नवीन कमिश्नर का नवीन प्रयोग कहें या फिर परेशानी से उबरने का तरीका। नवागत कमिश्नर ने आते ही पूरे कैम्पस में कैमरे लगवाए और अटेंडेंस के लिए इलेक्ट्रानिक डिवाइस का सहारा लेना पड़ा। मध्यप्रदेश नगरीय प्रशासन के कुछ अफसरों ने दबी जुबान में यह स्वीकारा भी कि कर्मचारियों के मक्कारी और घूसखोरी पर लगाम लगाने के लिए इससे अच्छा कोई तरीका नहीं हो सकता था। हालांकि लम्बे समय से मक्कारी और घूसखोरी में लिप्त कर्मी इससे खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। वहीं कई घूसखोरी अधिकारियों के निलम्बन से घूसखोरी में लिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से मई 2025 में अपने मूल कैडर मध्यप्रदेश पहुंचे संकेत एस. भोंडवे को सरकार ने नगरीय प्रशासन का आयुक्त व प्रबंध निदेशक नियुक्त किया। गौरतलब है कि संकेत अप्रैल 2018 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सड़क, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के निजी सचिव के रूप में तैनात थे। सूत्रों का कहना है कि कुछ ही दिनों में उन्हें यह अहसास होने लगा कि विभाग के कर्मचारी लेटलतीफी और घूसखोरी में संलिप्त हैं। इसी के मद्देनजर उन्होंने विभाग में ई-अटेंडेंस और सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया। आलम यह है कि विभाग के चपरासी और कंसलटेंट आगंतुकों से मिलने के लिए बाहर की बात करने लगे हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी नवीन प्रयोगों के लिए मशहूर हैं, उन्हीं से प्रेरित होकर संकेत विभाग में कई बदलाव करने में जुटे हुए हैं।
विभाग के अपर आयुक्त केएल मीणा कहते हैं कि कमिश्नर ने आते ही साफ कर दिया था कि विभाग में किसी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी शिकायत मिले, उसका जल्द से जल्द जांच कराई जाए और जिम्मेदारी अधिकारी-कर्मचारी को उसके किए की सजा-ईनाम जरूर मिले। उन्होंने कहा कि शिकायत पुष्ट होने पर शिवपुरी और नीमच के मुख्य नगर पालिका अधिकारी समेत कई यंत्री निलम्बित हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 14 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। वहीं मुख्यालय में तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी अब समय के पाबंद हो गए हैं।
कई CMO कर चुके हैं सस्पेंड
शिवपुरी नगर पालिका में पिछले ढाई महीने से चल रहे विवाद और शिकायतों की जांच के आधार पर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकित भोंडवे ने वर्तमान सीएमओ इशांक धाकड़ के अलावा पूर्व सीएमओ डा. केशव सगर और शैलेष अवस्थी को निलंबित कर दिया है। उन्हें नगर पालिका में वर्ष 2022 से अब तक 57.80 करोड़ रुपये के 743 कार्य या तो शुरू ही नहीं हुए या धरातल पर अपूर्ण हैं। कई पूर्ण कार्यों में ठेकेदारों को उनके बिल मिलने के बावजूद चार से आठ महीने तक भुगतान नहीं किया गया था। कुल 11.47 करोड़ रुपये के भुगतान में से 5.09 करोड़ केवल दो फर्मों को दिए गए, जिससे अन्य निविदाकारों की शिकायतें हुईं। इसके अलावा नीमच के मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेंद्र वशिष्ठ और उपयंत्री अम्बालाल मेघवाल को भी कमिश्नर ने निलम्बित कर दिया। वहीं सहायक अभियंता अभिलाष चौरसिया के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं।
