- वह काफी दिनों से अकेले रहते थे
- पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
- सआदतगंज के चौपटिया क्षेत्र में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बीती 24 अगस्त 2025 को गाजीपुर क्षेत्र के रवीन्द्र पल्ली में मां-बेटे की मौत और मंगलवार को गोमतीनगर के विराम खंड निवासी बीटेक इंजीनियर अतुल कुमार तिवारी की मौत का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि अब राजधानी लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र के चौपटिया स्थित मकान नं ई- पांच में रहने वाले 62 वर्षीय राजू पाहवा व 58 वर्षीय रवि पाहवा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बुधवार को कमरे में अलग-अलग जगहों पर उनके शव मिलने से इलाके में सनसनी फ़ैल गई। एक भाई का शव कूड़े के ढेर में दबा मिला। दोनों भाईयों की मौत के बारे में आसपास में रहने वाले लोगों को उस समय लगी जब मकान से दुर्गंध आ रही थी।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन देर तक यह पता नहीं चल पाया कि दोनों भाईयों की मौत कैसे हुई है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि दोनों भाईयों की मौत कैसे हुई है। पुराने लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र के चौपटिया स्थित मकान नं ई – पांच निवासी राजू पाहवा व रवि पाहवा कई दिनों से मकान के भीतर से बाहर नहीं दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि आसपास में रहने वाले लोग उनके मकान के पास पहुंचे तो भीतर से बदबू आ रही थी। यह माजरा देख लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खोला और भीतर दाखिल हुई तो वहां का मंजर देख दंग रह गई। दोनों भाई कमरे में अलग-अलग स्थानों पर मृत पड़े थे। बताया जा रहा है कि एक का शव कूड़े में दबा मिला। पुलिस के मुताबिक जांच पड़ताल के बाद सामने आया कि दोनों भाई पिछले कई सालों से अकेले रहते थे। वहीं दोनों भाईयों की मौत को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा थी कि उनकी हत्या की गई है। छानबीन में जुटी पुलिस का कहना है उनके शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नहीं मिले हैं, लिहाजा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि मौत कैसे हुई है। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।
