भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दुनियाभर में खोल रहे ‘आतंकिस्तान’ की पोल

नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए भारत के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों के दौरे पर हैं। कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के न्यूयॉर्क में है, जहां आयोजित संवाद में थरूर ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद अब भारत ने नई नीति अपना ली है, जिसके तहत अगर कोई भी पाकिस्तान की धरती से भारतीय नागिरकों की हत्या करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्यों और मीडिया एवं विभिन्न थिंक टैंक्स के साथ आयोजित एक वार्ता में थरूर ने कहा भारत युद्ध नहीं चाहता है। भारत अपना विकास चाहता है, ताकि गरीबी को तेजी से मिटाया जा सके। अगर पाकिस्तान हमें छोड़ दे, तो हम उन्हें भूलना पसंद करेंगे। दुनिया को भारत की पीड़ा समझनी चाहिए। पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को लेकर इनकार करता रहता है। इसलिए अब भारत ने ठान लिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ माकूल जवाब देगा।
भारत से कुल 59 सदस्यों वाले 7 प्रतिनिधिमंडल 21 मई से 5 जून 2025 के बीच 33 देशों का दौरा करेंगे, जिनमें सांसद, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ राजनयिक शामिल हैं। इनका उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों को वैश्विक स्तर पर बेनकाब करना और उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करना है।

जदयू सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दक्षिण कोरिया पहुंचा, जिसके बाद भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा भारत के एक एकीकृत मोर्चे का प्रतिनिधित्व करते हुए, प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता थी और कैसे भारत ने जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ढांचे पर हमला किया गया।

बहरीन में अपनी सफल यात्रा पूरी करने के बाद भाजपा नेता बैजयंत जय पांडा के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कुवैत पहुंचा। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा बैजयंत पांडा के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कुवैत पहुंचा, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत का दृढ़ संदेश लेकर आया है।
फ्रांस में भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में 9 सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पेरिस पहुंचा, जिसके बाद यह दल ब्रिटेन, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली और डेनमार्क पहुंचेगा।
21 मई को यूएई, जापान और रूस के दौरों के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडलों की दुनियाभर के देशों की यात्रा शुरू हुई थी। इसके बाद 23 से 25 मई के बीच भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल गुयाना, कांगो और पनामा भी पहुंचे, जहां उन्होंने कई हालिया उदाहरण पेश करते हुए आतंकिस्तान (पाकिस्तान) की कथनी और करनी में जो अंतर है, उसे सुस्पष्ट किया।

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