मासिक दुर्गा अष्टमी आज है जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि व महत्व…

अजमेर से राजेन्द्र गुप्ता

मासिक दुर्गाष्टमी हिंदू धर्म में एक विशेष पर्व है जो हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व देवी दुर्गा को समर्पित होता है, जिन्हें शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। मासिक दुर्गाष्टमी पर देवी दुर्गा की पूजा करने से व्यक्ति को साहस, शक्ति और समृद्धि प्राप्त होती है। यह दिन उन भक्तों के लिए विशेष होता है जो जीवन में किसी भी प्रकार की बाधाओं और नकारात्मकता को दूर करना चाहते हैं। 2025 में यह महत्वपूर्ण तिथि 7 जनवरी को पड़ रही है और यह दिन अत्यधिक शुभ माना जा रहा है।

मासिक दुर्गाष्टमी का मुहूर्त

पौष : शुक्ल अष्टमी

प्रारम्भ :  06:23 पी एम, जनवरी 06

समाप्त :  04:26 पी एम, जनवरी 07

पूजा का सर्वोत्तम समय अष्टमी तिथि के मध्यकाल में होता है, क्योंकि यह समय विशेष रूप से देवी दुर्गा की पूजा के लिए अनुकूल माना जाता है।

मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि

मासिक दुर्गाष्टमी के दिन देवी दुर्गा की पूजा करना अत्यंत फलदायक होता है। आइए जानते हैं इस दिन की पूजा की पूरी विधि:

प्रातः स्नान और शुद्धता

पूजा के लिए सबसे पहले प्रातःकाल स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ करें और वहां पर रंगोली या पुष्पों से सजावट करें।

देवी दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना : पूजा स्थल पर देवी दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। प्रतिमा को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद, प्रतिमा को पुष्प, फल, और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।

मंत्रोच्चारण और आराधना :देवी दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। मुख्य मंत्रों में से एक है,

ॐ दुं दुर्गायै नमः”

इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करना विशेष लाभकारी होता है। इससे मन की शुद्धि होती है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।

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दीप और धूप अर्पण : पूजा के दौरान देवी के सामने दीप जलाएं और धूप अर्पित करें। दीपक का प्रकाश सकारात्मकता का प्रतीक होता है और धूप से वातावरण शुद्ध होता है।

भोग अर्पण : देवी दुर्गा को प्रसाद के रूप में फल, मिठाई, विशेषकर खीर या हलवा अर्पित करें। यह प्रसाद परिवार और अन्य भक्तों में वितरित करें।

आरती और परिक्रमा :  देवी दुर्गा की आरती करें और उसके बाद उनकी प्रतिमा की परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय ‘जय माता दी’ का उच्चारण करना शुभ माना जाता है।

व्रत का पालन : मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दिन भक्त पूर्ण निराहार व्रत रखते हैं या फिर फलाहार का सेवन करते हैं। व्रत रखने से मन की शुद्धि होती है और देवी की कृपा प्राप्त होती है।

दुर्गा सप्तशती का पाठ : इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अति शुभ माना जाता है। यह पाठ करने से व्यक्ति के जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं और देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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मासिक दुर्गाष्टमी व्रत के लाभ

इस व्रत से व्यक्ति को जीवन में साहस और शक्ति प्राप्त होती है।

देवी दुर्गा की कृपा से नकारात्मकता का नाश होता है और जीवन में शांति आती है।

यह व्रत करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं और समृद्धि प्राप्त होती है।

जिनकी कुंडली में ग्रह दोष होते हैं, वे इस व्रत से उन दोषों का निवारण कर सकते हैं।

यह व्रत मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी होता है।

मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत का महत्व

मान्यता है कि मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत करने से माता भक्तों के सभी कष्ट और परेशानियां हर लेती हैं। इस व्रत से भक्तों को माता आदिशक्ति की अखंड कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख-समृद्धि और मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

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