
साल 2017 में अमन मणि की जीत ने यह साबित कर दिया
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
Maharajganj: 2017 में समाजवादी पार्टी से टिकट कटने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में महराजगंज जिले की नौतनवां सीट से मैदान में उतरे अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी भारी बहुमत से चुनाव जीत गए थे।
अपनी पत्नी सारा सिंह की हत्या के आरोप में जेल में बंद अमन मणि ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के कुंवर कौशल किशोर सिंह उर्फ मुन्ना सिंह को 32 हजार 478 मतों के भारी अंतर से हराया था। इसका श्रेय अमन मणि की बहनों तनुश्री और अलंकृता को जाता है। इन दोनों ने उनके प्रचार कार्य की कमान संभाली थी। अमनमणि के पिता अमरमणि त्रिपाठी और मां मधुमणि वर्ष 2003 में कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे।
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अमर मणि नौतनवां से चार बार विधायक रह चुके हैं। बता दें कि अमर मणि त्रिपाठी का पूरा कुनबा उन दिनों एक बड़ी त्रासदी में गुजर रहा था ऐसे अमर मणि की बड़ी बेटी तनुश्री मणि और छोटी बेटी अलंकृता मणि ने 2017 में के आम चुनाव में जेल में बंद अमन मणि के चुनाव की कमान संभाली और वे भारी मतों से विजई हुए।
उस समय इन दोनों बेटियों को नौतनवां की सम्मानित जनता ने हाथों-हाथ लिया और उन्हें आशिर्वाद देकर अमन मणि को विजयी बनाया। जहां तक हमें याद है कि जब तनुश्री मणि और अलंकृता मणि मैदान में उतरीं तो उन्होंने जनता सिर्फ एक ही बात रखी कि आज हम दोनों बहनें अनाथ हो गए हैं मां,भाई और पिता सभी जेल में हैं आप ही हमारे मां-बाप और भाई हैं आप से हमें काफी उम्मीदें हैं की आप लोग अपने बेटी और बहन की तरह आशिर्वाद देंगे। हब हम दोनों बहनों का कोई सहारा नहीं है। जनता विशेषकर महिलाओं उनकी बातों को आत्मसात किया और उनके आंसू पोंछे और उन्हें भरपूर आशिर्वाद दिया और अमन मणि निर्दल प्रत्याशी होते हुए भी भारी बहुमत से चुनाव जीत गए।
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2022 में बहुजन समाज पार्टी ने अमन मणि पर दांव लगाया और वे चुनाव तो हारे ही बल्कि तीसरे स्थान चले गए। 2022 के चुनाव निषाद पार्टी- भाजपा गठबंधन से चुनाव में उतरे ऋषि त्रिपाठी 90 हजार से अधिक मत पाकर विजयी रहे। कुंवर कौशल उर्फ मुन्ना सिंह 74 हजार से अधिक मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे और अमन मणि त्रिपाठी 46 हजार से अधिक मत पाकर तीसरे स्थान पर चले गए।
2027 में एक बार फिर इन्हीं तीनों नेताओं के बीच मुकाबला होने वाला पर किसको किस पार्टी से टिकट मिलेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन ये तीनों नेता टिकट पाने के एड़ी से चोटी एक कर दिए हैं। वैसे इस बार चौंकाने वाले परिणाम आने की आशंका जताई जा रही है?
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