
आज की कार्यवाही पर रहेगी नजर
Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र के अब सिर्फ चार दिन शेष हैं। ऐसे में सरकार ने सदन के लंबित कामकाज को पूरा करने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को लोकसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने हैं। इनमें से दो विधेयक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद सदन में पेश करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि राज्यों की मांगों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े इन विधेयकों पर विपक्ष सदन की कार्यवाही में बाधा नहीं डालेगा।
आज लोकसभा में पेश होंगे चार विधेयक
सरकार की ओर से आज लोकसभा में जिन चार विधेयकों को पेश किया जाना है, उनमें केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने से जुड़ा विधेयक, ट्रिब्यूनल व्यवस्था में बदलाव से संबंधित विधेयक, सहकारी क्षेत्र से जुड़े कानून में संशोधन का विधेयक और खनन क्षेत्र से संबंधित विधेयक शामिल हैं।
गृह मंत्री अमित शाह आज केरल बिल, 2026 के साथ राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम से संबंधित विधेयक पेश करेंगे। वहीं, खनन क्षेत्र से जुड़े विधेयक को केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी सदन में रखेंगे। खनन से संबंधित प्रस्ताव माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 में संशोधन से जुड़ा है।
क्या आज टूटेगा संसद का गतिरोध?
मानसून सत्र के आखिरी चरण में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार विपक्षी दलों के नेताओं से लगातार बातचीत कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी विपक्ष के नेताओं से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं। सरकार का मानना है कि आज पेश किए जाने वाले विधेयक राज्यों की मांगों, प्रशासनिक सुधार और कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाने से जुड़े हैं। ऐसे में विपक्ष के लिए इनका विरोध करना राजनीतिक रूप से आसान नहीं होगा।
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अमित शाह के बयान की मांग पर अड़ा विपक्ष
हालांकि, विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह को संसद में बयान देना चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने साफ कहा है, “जब तक गृह मंत्री जी संसद में बयान नहीं देंगे, तब तक डेडलॉक चलेगा।” विपक्ष लगातार छात्रों पर कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहा है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि विपक्ष जवाबदेही की मांग से पीछे नहीं हटेगा।
FCRA और परिसीमन बिल अभी एजेंडे में नहीं
सरकार और विपक्ष के बीच जिन दो अहम विधेयकों को लेकर सहमति बनाने की कोशिश चल रही थी, उनमें FCRA संशोधन बिल और परिसीमन से संबंधित बिल फिलहाल आज की लोकसभा सूची में शामिल नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों मुद्दों पर सरकार ने विपक्षी दलों के साथ कई दौर की बातचीत की है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में सरकार ने फिलहाल उन चार विधेयकों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है, जिन्हें आज सदन में पेश किया जाना है।
मनीष तिवारी ने दल-बदल कानून पर दिया नोटिस
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर नए दल-बदल विरोधी कानून के स्वरूप पर चर्चा की मांग की है। उनका कहना है कि राजनीतिक अवसरवाद के कारण होने वाले बड़े पैमाने पर दल-बदल को रोकने के लिए कानून को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। साथ ही संसद और विधानसभाओं के भीतर तथा बाहर असहमति के लिए भी पर्याप्त लोकतांत्रिक जगह बनाए रखने की बात कही गई है।
वहीं, TMC सांसद मोहम्मद नदीमुल हक ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों और पश्चिम बंगाल से संबंधित मामलों पर चर्चा के लिए सदन का कामकाज रोकने की मांग की है। कुल मिलाकर मानसून सत्र के बचे चार दिनों में सरकार लंबित विधायी कामकाज को तेजी से पूरा करना चाहती है। आज चार विधेयकों की पेशी और सदन में अमित शाह की मौजूदगी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विपक्ष अपने विरोध को जारी रखेगा या फिर राज्यों से जुड़े इन विधेयकों के बहाने संसद में जारी गतिरोध खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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