
पुलिसकर्मी गिरफ्तार
उमेश चन्द्र त्रिपाठी

Gorakhpur girl murder case: गोरखपुर में जिला अस्पताल से लापता हुई 10 वर्षीय बच्ची का शव बरामद होने के बाद डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस CCTV फुटेज और जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। बच्ची की मौत के कारणों और अन्य तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है। जिला अस्पताल से लापता हुई 10 वर्षीय बच्ची का शव बरामद होने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामले में डायल-112 में तैनात एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची के लापता होने के बाद अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। अब तक की जांच में आरोपी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, 28 जुलाई की रात बच्ची जिला अस्पताल से घर लौट रही थी, तभी वह अचानक गायब हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले गया। घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की गई। करीब 200 कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस बाइक नंबर तक पहुंची। जांच में बाइक डायल-112 में तैनात आरक्षी अभिषेक यादव के नाम पंजीकृत मिली।
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पुलिस ने आरोपी अभिषेक यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर चिउटहा पुल के पास से बच्ची का शव बरामद किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
CCTV से हुआ खुलासा
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में आरोपी की मंशा संदिग्ध नजर आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची के साथ गलत हरकत का प्रयास किया गया और विरोध करने पर उसकी हत्या की गई। हालांकि, दुष्कर्म की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सिपाही अभिषेक यादव एक वर्ष पहले गंभीर आरोपों को लेकर जांच के घेरे में आ चुका है। उस समय बंगाल की युवती से जुड़े दुष्कर्म और जालसाजी के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बताया जा रहा है कि युवती का बयान दर्ज नहीं होने के कारण उस मामले में दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी।
हालांकि पुलिस ने आरोपी सिपाही के पास से बरामद कूटरचित आधार कार्ड के आधार पर उसे जेल भेजा था और उसी मामले में चार्जशीट दाखिल की गयी थी। जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर अपनी करतूत से खाकी को दागदार किया है। वर्तमान में वह विभागीय कार्रवाई के दौरान डायल-112 में तैनात था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की तैयारी की जा रही है। साथ ही आरोपी की सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस घटना ने कानून व्यवस्था और पुलिस विभाग की जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पर है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
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One thought on “गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला”
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