
Paper leak case : पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर देशभर में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब कई राज्यों के शिक्षा मंत्रियों पर भी जवाबदेही तय करने की मांग उठने लगी है। छात्र संगठनों का कहना है कि अगर परीक्षा व्यवस्था में खामियों के लिए केंद्र स्तर पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है, तो राज्यों में सामने आए मामलों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
लखनऊ समेत कई शहरों में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि पेपर लीक का मुद्दा किसी एक परीक्षा या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है। राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली भर्तियों में भी पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी वजह से झारखंड, पंजाब, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की जा रही है।
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पंजाब में भर्ती परीक्षाओं को लेकर घिरी सरकार
पंजाब में सरकारी भर्तियों से जुड़े दो मामलों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। विपक्षी दल कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान सरकार पर परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि समय रहते नकल माफिया के नेटवर्क का खुलासा किया गया।
फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा मामले में बड़ा खुलासा हुआ। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत 454 पदों के लिए आयोजित परीक्षा में करीब 7 हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद ही पुलिस और इंटेलिजेंस टीमों ने कई परीक्षा केंद्रों पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि कुछ अभ्यर्थी छोटे वायरलेस डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों ने प्रश्नपत्र को स्कैन कर बाहर भेजने की कोशिश की और एक संगठित गिरोह उम्मीदवारों को उत्तर उपलब्ध करा रहा था। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। विपक्ष ने इसे परीक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
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ADO भर्ती परीक्षा पर भी विवाद
पंजाब में कृषि विकास अधिकारी (ADO) भर्ती परीक्षा को लेकर भी विवाद जारी है। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुआ था और मामले को दबाने के लिए बाद में ग्रेस मार्क्स दिए गए। अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किए हैं।
आंध्र प्रदेश में DSC भर्ती पर विपक्ष का हमला
आंध्र प्रदेश में मेगा DSC-2025 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर भी राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता और पारदर्शिता प्रभावित हुई है। विपक्ष ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है और दावा किया है कि लाखों उम्मीदवारों का भविष्य इससे प्रभावित हुआ है।
तेलंगाना में भी बीजेपी ने उठाए सवाल
तेलंगाना में बीजेपी ने शिक्षा विभाग को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने लंबित फीस रीइंबर्समेंट राशि और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं।
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