
Leader of the Opposition controversy : पश्चिम बंगाल की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के पद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता हाईकोर्ट पहुंच गई हैं। जानकारी के अनुसार, विपक्ष के नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी को मान्यता दिए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए टीएमसी ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ याचिका दायर की है।
अदालती सूत्रों के मुताबिक, यह याचिका विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दिए जाने के फैसले से संबंधित है। इसी मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के सिलसिले में ममता बनर्जी हाईकोर्ट पहुंचीं। यह पहला अवसर नहीं है जब ममता बनर्जी अदालत में सक्रिय भूमिका निभाती नजर आई हों। इससे पहले भी वह चुनाव बाद हिंसा से जुड़े एक मामले में वकील के रूप में हाईकोर्ट में अपनी दलीलें पेश कर चुकी हैं।
विपक्षी खेमे में बढ़ रहा समर्थन
ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि विपक्षी खेमे में विधायकों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है और बागी विधायकों की संख्या 67 से 68 तक पहुंच सकती है। गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के कुल 80 विधायक निर्वाचित हुए थे। सूत्रों के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी ने सबसे पहले 58 विधायकों के समर्थन वाला पत्र विधानसभा स्पीकर रथिंद्र बोस को सौंपा था। इसके आधार पर उन्हें नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता प्रदान की गई। बाद में कुछ अन्य विधायकों ने भी अलग-अलग समर्थन पत्र सौंपे, जिससे उनके दावे को और मजबूती मिली। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी विधायक उनके पक्ष में खुलकर सामने आ सकते हैं।
चुनावी हार के बाद TMC का आक्रामक रुख
विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस लगातार भाजपा पर हमलावर बनी हुई है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल ही में कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि आने वाले समय में दिल्ली की सत्ता से भाजपा को हटाया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी और विपक्ष की भूमिका को मजबूती से निभाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और विधायकों से संगठन को मजबूत बनाने और राजनीतिक चुनौतियों का डटकर सामना करने का आह्वान किया।
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अभिषेक बनर्जी ने भी साधा निशाना
बैठक में मौजूद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की कार्यशैली और राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक दबाव, जांच एजेंसियों की कार्रवाई या अन्य किसी भी तरह के दबाव से पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के खिलाफ उनकी राजनीतिक लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
कानूनी और राजनीतिक लड़ाई साथ-साथ
नेता प्रतिपक्ष पद को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रह गया है। मामला अदालत में पहुंचने के बाद इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है। आने वाले दिनों में हाईकोर्ट का फैसला पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फिलहाल राज्य की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर सरगर्मी तेज है और सभी की निगाहें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
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