
RE-NEET 2026 परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया और विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से परीक्षा के दौरान 33 पन्नों के प्रश्नपत्र और कुछ केंद्रों पर 15 मिनट अतिरिक्त समय दिए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों ने इसे परीक्षा की निष्पक्षता से जोड़ते हुए पेपर लीक और प्रक्रियागत गड़बड़ियों की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों के बीच National Testing Agency (NTA) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की गई थी तथा पेपर लीक के दावों का कोई ठोस आधार नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रश्नपत्र का प्रारूप अपेक्षा से बड़ा था और उसमें कुल 33 पन्ने शामिल थे। इसके अलावा कुछ परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को अतिरिक्त 15 मिनट दिए जाने की भी खबरें सामने आईं। इसके बाद सोशल मीडिया पर परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर बहस शुरू हो गई।
ये भी पढ़े
कोच ने खोला वैभव सूर्यवंशी का सीक्रेट, 100 ओवर की प्रैक्टिस ने बदली किस्मत
NTA ने क्या कहा?
NTA के अनुसार, प्रश्नपत्र का आकार और पन्नों की संख्या परीक्षा के प्रारूप के अनुरूप थी। एजेंसी ने कहा कि अतिरिक्त समय से जुड़ी घटनाओं की समीक्षा की जा रही है और यदि किसी केंद्र पर प्रशासनिक कारणों से समय बढ़ाया गया है तो वह निर्धारित नियमों के तहत ही किया गया होगा। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि पेपर लीक की अफवाहों को लेकर कोई प्रमाण सामने नहीं आया है और परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था बहुस्तरीय निगरानी के तहत संचालित की गई थी।
छात्रों में बनी हुई है चिंता
हालांकि NTA की सफाई के बावजूद कई अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि अलग-अलग केंद्रों पर अलग परिस्थितियां रहीं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सभी उम्मीदवारों का भरोसा बना रहे।
ये भी पढ़े
ट्रंप ने कहा आज होगी डील, लेकिन ईरान ने अभी तक नहीं दिखाई हरी झंडी
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में एजेंसियों को समय-समय पर तथ्यात्मक जानकारी जारी करनी चाहिए, ताकि अफवाहों और भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।
जांच और रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल छात्रों और अभिभावकों की नजर NTA की आगामी रिपोर्ट और आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, एजेंसी का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित और निष्पक्ष रही है। RE-NEET 2026 को लेकर उठे इन सवालों ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
नौतनवां कस्बे में 12.91 करोड़ की लागत से आधुनिक फायर स्टेशन का निर्माण जारी


One thought on “RE-NEET 2026 पर नया विवाद, 33 पन्नों के पेपर और 15 मिनट एक्स्ट्रा टाइम पर उठे सवाल”
Comments are closed.