‘जूनियर के अधीन काम नहीं करूंगा’ – इंस्पेक्टर के इस्तीफे पर विवाद गहराया

UP police dispute

 UP police dispute : उत्तर प्रदेश के कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में उस समय हड़कंप मच गया जब साइबर क्राइम थाने में तैनात एक वरिष्ठ इंस्पेक्टर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह मामला सिर्फ एक इस्तीफे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस विभाग में सीनियर-जूनियर व्यवस्था और कार्य प्रणाली को लेकर गंभीर बहस छेड़ गया है। कानपुर साइबर क्राइम थाने में तैनात इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया है कि उन्हें ऐसे अधिकारी के अधीन काम करना पड़ रहा था जो सेवा नियमों के अनुसार उनसे जूनियर हैं। इसी असंतोष और लंबे समय से चल रही नाराजगी के चलते उन्होंने अपना इस्तीफा डीसीपी क्राइम को सौंप दिया। यह घटना पुलिस विभाग के भीतर पदानुक्रम और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

‘नियमों के खिलाफ है यह व्यवस्था’ – इंस्पेक्टर का आरोप

सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर का कहना है कि विभागीय नियमों के अनुसार किसी भी अधिकारी को अपने समकक्ष या वरिष्ठ अधिकारी के अधीन काम करना चाहिए। लेकिन मौजूदा व्यवस्था में उन्हें अपने से जूनियर अधिकारी के तहत कार्य करना पड़ रहा था, जिसे उन्होंने अनुचित बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति न केवल नियमों के खिलाफ है बल्कि इससे कार्यस्थल का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।

‘कई बार मुझे ही सिखाना पड़ता था काम’ – गंभीर दावा

इंस्पेक्टर ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि कई बार उन्हें ही थाना प्रभारी को कार्य प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं को समझाना पड़ता था। इसके बावजूद उन्हें उचित सम्मान या सहयोग नहीं मिल पा रहा था। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में काम करना बेहद कठिन हो गया था और मानसिक तनाव भी बढ़ रहा था। उन्होंने इसे “अप्रोफेशनल वर्किंग एनवायरनमेंट” बताया।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

इंस्पेक्टर के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद पूरे पुलिस विभाग में चर्चा तेज हो गई है। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुका है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।  कानपुर पुलिस प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

जांच के आदेश, बयान दर्ज होगा

अधिकारियों के अनुसार, एडीसीपी क्राइम ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर का बयान दर्ज किया जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस्तीफे के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि इंस्पेक्टर केवल साइबर क्राइम यूनिट से हटना चाहते हैं या पूरी पुलिस सेवा से इस्तीफा देना चाहते हैं।

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