‘Online Rummy’ के चक्कर में गेम्जक्राफ्ट के तीन संस्थापकों को ED ने किया गिरफ्तार
नया लुक ब्यूरो
नई दिल्ली। यदि आपको भी ऑनलाइन गेम्स की लत लग गई है तो सावधान हो जाइए। देश की सबसे बड़ी एजेंसी यानी प्रवर्तन निदेशालय की नजर आप पर कभी भी टेढ़ी हो सकती है। ताजा समाचार के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गेम्जक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और उससे जुड़ी कम्पनियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन संस्थापकों को मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। भारत में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के निदेशकों की गिरफ्तारी से एक बार फिर गेमिंग कम्पनियां जांच के घेरे में आ गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपक सिंह, पृथ्वीराज सिंह और विकास तनेजा शामिल हैं। यह कम्पनी ‘रमीकल्चर’ और ‘रमीटाइम’ जैसे लोकप्रिय ऑनलाइन रीयल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म चलाती थी।
ये भी पढ़े
बिखरते सियासी किलों के बीच इंडिया गठबंधन के अस्तित्व को बचाने की बड़ी चुनौती
ED ने कल शाम यानी गुरुवार को कर्नाटक के बंग्लुरू समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक साथ 17 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई कम्पनी के कार्यालयों, सहयोगी संस्थाओं और कर्मचारियों के परिसरों पर की गई। छापेमारी के दौरान ED को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले। इन सबूतों के आधार पर जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत पाए और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
ये भी पढ़े
जांच में मिले सबूतों के बाद ED ने आठ मई को तीनों संस्थापकों को PMLA (Prevention of Money Laundering Act) की धारा-19 के तहत गिरफ्तार कर लिया। दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को NCR से गिरफ्तार किया गया दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु लाया जाएगा विकास तनेजा को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि ऑनलाइन गेमिंग के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया? इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य कंपनियां या व्यक्ति भी शामिल हैं।
ये भी पढ़े
बिखरते सियासी किलों के बीच इंडिया गठबंधन के अस्तित्व को बचाने की बड़ी चुनौती
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
यह पूरा मामला कई राज्यों में दर्ज FIR के बाद सामने आया। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि कंपनी और इसके संचालक ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों से पैसे लेकर धोखाधड़ी और अवैध कमाई कर रहे थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन ऐप्स के माध्यम से हजारों लोगों ने पैसे लगाए, जिसमें कई लोग भारी आर्थिक नुकसान में चले गए। कुछ मामलों में मानसिक तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
ये भी पढ़े
बिखरते सियासी किलों के बीच इंडिया गठबंधन के अस्तित्व को बचाने की बड़ी चुनौती
बंगाल में शुभेंदु को दरकिनार करना BJP को पड़ सकता है भारी
BJP की ‘वोट चोरी’ के खिलाफ क्यों कोई ‘जेपी-अन्ना’ सामने नहीं आता

One thought on “खबरदार! यदि आप भी खेलते हैं ‘ऑनलाइन गेम्स’ तो आपके ऊपर भी है राडार”
Comments are closed.