विदेश यात्रा हर किसी के लिए खास होती है। जब पूरा परिवार साथ जा रहा हो, तो उत्साह और बढ़ जाता है। लेकिन, तमिलनाडु के एक परिवार के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने उनके सपने को खराब अनुभव में बदल दिया।
यह मामला बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है। यहां एक परिवार को फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने बिजनेस क्लास की टिकट पर करीब 49 लाख रुपये खर्च किए थे।
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रिपोर्ट के अनुसार, सलेम के एक मेडिकल संस्थान के चेयरमैन जे. एस. सतीशकुमार अपने परिवार के साथ पेरू जाने वाले थे। कुल 8 लोगों की यात्रा प्लान की गई थी। इसके अलावा, सभी टिकट पहले से बुक थीं और परिवार समय पर एयरपोर्ट भी पहुंच गया था।
परिवार ने चेक-इन और अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली थी। लेकिन, बोर्डिंग से ठीक पहले उन्हें रोक दिया गया। एयरलाइन स्टाफ ने कहा कि उनके पास पेरू का वीजा नहीं है। हालांकि, सतीशकुमार ने इस दावे को गलत बताया। उनका कहना है कि जिन भारतीय यात्रियों के पास अमेरिका, यूके या शेंगेन देशों का वैध वीजा होता है, उन्हें पेरू जाने के लिए अलग वीजा की जरूरत नहीं होती। इसी वजह से, विवाद शुरू हुआ।
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मामला यहीं नहीं रुका। इसके बाद, सतीशकुमार ने अदालत का रुख किया। कर्नाटक की अदालत ने इस मामले को गंभीर माना। कोर्ट ने एयरलाइन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने के बाद उन्हें रेड फ्लैग कर दिया गया। इस कारण, बाद में विदेश यात्रा के दौरान उन्हें अन्य देशों में भी पूछताछ का सामना करना पड़ा। वहीं, एयरलाइन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करती है। कंपनी ने यह भी कहा कि यात्रियों को सही दस्तावेज रखना जरूरी है। हालांकि, एयरलाइन ने इस घटना पर खेद भी जताया है।
