- शरीर पर चोट के निशान से उठे सवाल, दोस्तों के साथ पिकनिक पर गया था छात्र
लखनऊ। नोएडा के सेक्टर-94 स्थित एक निर्माणाधीन सोसाइटी में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एमिटी विश्वविद्यालय के छात्र हर्षित भट्ट (23) की मौत हो गई। इस घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब मृतक की मां ने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका बेटा शराब नहीं पीता था और उसके शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। उनका दावा है कि हर्षित के साथ मारपीट की गई और उसे गड्ढे में धकेल दिया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला हादसा प्रतीत होता है। पुलिस उपायुक्त साद मियां खान के अनुसार, परीक्षा खत्म होने के बाद हर्षित अपने तीन दोस्तों व हिमांशु, व्यास और कृष के साथ पिकनिक मनाने गया था। चारों ने साथ बैठकर शराब पी, जिसके बाद नशे की हालत में हर्षित पानी से भरे गड्ढे में नहाने उतरा और डूब गया।
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घटना के दौरान उसे बचाने के लिए उसके तीनों दोस्त भी गड्ढे में कूदे, लेकिन वे भी डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम पहुंची। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद हर्षित को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि गड्ढे के चारों ओर लगभग आठ फीट ऊंची बैरिकेडिंग थी, हालांकि एक हिस्सा खुला हुआ था, जहां से छात्र अंदर पहुंचा। गुरुवार सुबह तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट शाम तक आने की संभावना है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और मृतक के दोस्तों से पूछताछ जारी है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि हर्षित के पिता लद्दाख से दिल्ली पहुंच रहे हैं। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी है, जो इस मौत के पीछे की असल वजह साफ करेगी।
