बीजेपी के स्थापना दिवस पर दिल्ली से लखनऊ तक भगवामय माहौल

संजय सक्सेना

बीजेपी के स्थापना दिवस ने पूरे देश और प्रदेश को भगवा रंग में रंग दिया। 6 अप्रैल को मनाए गए इस खास अवसर पर दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के कोने-कोने तक भाजपाइयों का उत्साह सड़कों पर उतर आया। मंचों पर भाषणों की गूंज सुनाई दी, कार्यकर्ताओं के नारे हवा में गूंजे और भगवा झंडियां लहराईं। यह दिन सिर्फ पार्टी का जश्न था, बल्कि आने वाले समय के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करने वाला पल साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने इस उत्सव को और भव्य बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित एक विशाल चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के 47 वर्षों के सफर को बारीकी से बयान किया। उन्होंने बताया कि कैसे पार्टी ने शुरुआती दिनों में किन-किन चुनौतियों का सामना किया। इंदिरा गांधी के आपातकाल के दौर में जब लोकतंत्र कुचला जा रहा था, तब भाजपा के संस्थापकों ने अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और अन्य नेताओं के नेतृत्व में संघर्ष की राह चुनी। मोदी ने कहा कि आपातकाल के बाद 1980 में स्थापित हुई भाजपा ने कभी समझौता नहीं किया। वे बोले कि पार्टी ने हमेशा राष्ट्रवाद, राम मंदिर निर्माण और एकात्म मानववाद जैसे सिद्धांतों पर डटी रही। चुनौतियों में आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और कांग्रेस की एकछत्र सत्ता शामिल थी। लेकिन भाजपा ने जनता के बीच जाकर अपनी बात रखी। मोदी ने पुराने नेताओं के किस्से सुनाए। उन्होंने अटल जी की कविता और वाक्पटुता का जिक्र किया, जो सदन में विपक्ष को चुप करा देती थी। आडवाणी जी की राम रथ यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस यात्रा ने पूरे देश को एक सूत्र में बांध दिया। इन किस्सों से कार्यकर्ताओं में जोश भर गया।

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मोदी ने कांग्रेस के पतन के कारणों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने नेहरू युग से ही परिवारवाद को बढ़ावा दिया। इंदिरा गांधी के समय आपातकाल ने लोकतंत्र को कुचल दिया, जिससे जनता का भरोसा टूटा। राजीव गांधी के दौर में बोफोर्स घोटाले ने भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। उसके बाद पीवी नरसिम्हा राव और फिर सोनिया-मनमोहन सिंह की सरकारों में महंगाई, भ्रष्टाचार और आतंकवाद ने देश को जकड़ लिया। 2जी, कोलगेट और कमलनाथ जैसे घोटालों ने कांग्रेस को बदनाम कर दिया। मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने वादे तो किए, लेकिन पूरा करने की बजाय देश को कर्ज के बोझ तले दबा दिया। दूसरी तरफ भाजपा का उभार इन कमियों को भरने वाला साबित हुआ। 1998 में अटल जी की सरकार ने पोखरण परमाणु परीक्षण कर देश को मजबूत बनाया। 2014 में मोदी सरकार ने विकास, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे कदम उठाए। आज भाजपा सत्ता में है और देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी बन चुकी है।उत्तर प्रदेश में इस स्थापना दिवस का रंग कुछ और ही था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई जिलों में कार्यक्रमों में शिरकत की। लखनऊ के भाजपा मुख्यालय से लेकर वाराणसी तक सभाओं में उनकी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। योगी ने कहा कि प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई से माफिया खत्म हुए और कानून का राज स्थापित हुआ। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा फिर से पूर्ण बहुमत हासिल करेगी। योगी ने मोदी जी के भाषण का हवाला देते हुए बताया कि पार्टी ने गरीबी उन्मूलन, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण पर जो काम किया, वह जनता भूलेगी नहीं। लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में हजारों कार्यकर्ता जुटे। भगवा पटके लपेटे युवा नारे लगा रहे थे। योगी ने पुराने नेताओं को याद किया और कहा कि उनकी कुर्बानियां आज फलीभूत हो रही हैं।

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देशभर में स्थापना दिवस के जश्न का अलग-अलग रूप दिखा। दिल्ली के रामलीला मैदान में मोदी का भाषण सुनने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग ट्रैक्टरों, जीपों और बसों से आए। गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और मध्य प्रदेश में भी सभाएं हुईं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी अब दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जिसके एक करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं। चुनौतियों के बावजूद भाजपा ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैलाव किया। पूर्वोत्तर में भाजपा की सरकारें बनीं, जहां कभी कांग्रेस का वर्चस्व था। मोदी ने भाषण में ट्रिपल तलाक बंदी, अनुच्छेद 370 हटाने और सीएए जैसे फैसलों का जिक्र किया। इनसे अल्पसंख्यकों को भी न्याय मिला, भले विपक्ष इसे तोड़-मरोड़कर पेश करे। कांग्रेस के पतन की कहानी भाजपा के उभार से जुड़ी हुई है। जहां कांग्रेस ने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर वोटबैंक की राजनीति की, वहीं भाजपा ने सबका साथ-सबका विकास का मंत्र दिया। 1977 के चुनाव में जनता पार्टी की जीत के बाद भी कांग्रेस वापसी कर ली, लेकिन 1989 के बाद उसका ग्राफ लगातार गिरता गया। भाजपा ने 1991 में पहली बार केंद्र में सरकार बनाई, फिर 1998-2004 तक शासन किया। लेकिन असली मोड़ 2014 और 2019 में आया। मोदी की लहर ने भाजपा को 303 सीटें दिलाईं। आज पार्टी के पास केंद्र और अधिकांश राज्यों में सरकारें हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 403 में से 273 सीटें जीतकर भाजपा ने इतिहास रचा। योगी सरकार ने मंदिर निर्माण को गति दी, जिससे अयोध्या भगवा नगरी बन गई।

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इस स्थापना दिवस ने कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद जगाई। सड़कों पर भगवा जुलूस निकले, घर-घर में मीठाई बांटी गई। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रहे थे। मोदी ने अंत में कहा कि आने वाले समय में भाजपा देश को विकसित भारत बनाएगी। 2047 तक भारत विश्व गुरु बनेगा। योगी ने प्रदेश कार्यकर्ताओं से कहा कि 2027 के चुनाव में फिर से भाजपा की लहर आएगी। विपक्ष के घोटालों और वादाखिलाफी के खिलाफ जनता भाजपा को ही चुनेगी। इस तरह स्थापना दिवस सिर्फ इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि भविष्य का संकल्प बन गया। भाजपा का सफर संघर्षों से भरा रहा। 1984 में सिर्फ दो सीटों से शुरुआत हुई, लेकिन धैर्य और संगठन शक्ति ने इसे शिखर पर पहुंचाया। पुराने नेताओं जैसे कुशाभाऊ ठाकरे, मुरली मनोहर जोशी की मेहनत रंग लाई। आज मोदी-योगी की जोड़ी इस विरासत को आगे बढ़ा रही है। देश का माहौल भगवामय होने से साफ है कि जनता भाजपा के साथ है। आने वाले चुनावों में यह जोश जीत का आधार बनेगा।

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