अगर आपने फ्लैट खरीदा है और उसमें खामियां हैं, तो आपको HRERA के हालिया फैसले के बारे में पता होना चाहिए। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने चिंटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को एक होमबायर को 4 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला गुरुग्राम सेक्टर-109 के एक प्रोजेक्ट से जुड़ा है।
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आप समझ सकते हैं कि फ्लैट मिलने के तुरंत बाद ही अरुणा गर्ग को फ्लैट में टूटी टाइल्स, ऊबड़-खाबड़ फर्श और दरार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। शिकायतें करने के बावजूद बिल्डर ने सुधार नहीं किया। मामला और गंभीर तब हो गया, जब टावर-D का हिस्सा गिर गया। इसमें दो लोगों की जान गई और कई घायल हुए। जांच में पता चला कि कंक्रीट में क्लोराइड अधिक था, जिससे इमारत कमजोर हो गई।
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HRERA ने कहा कि पूरा प्रोजेक्ट रहने लायक नहीं है और इसकी जिम्मेदारी बिल्डर पर है। मुआवजे की राशि 13,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से तय की गई, जिससे कुल 4.09 करोड़ रुपये बनते हैं। इस पर 10.8% सालाना ब्याज भी लगेगा। इसके अलावा बिल्डर को स्टांप ड्यूटी, मानसिक उत्पीड़न और मुकदमे का खर्च भी देना होगा। इस आदेश से आप जैसे होमबायरों को बड़ी राहत मिली है और यह बिल्डरों के लिए भी एक चेतावनी बन गया है।
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