आशुतोष मिश्रा
संतकबीरनगर। महुली थाना क्षेत्र के कस्बा स्थित ब्राह्मण टोला में लूटपाट के बाद वृद्धा की हत्या की सूचना से बुधवार को पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि मौके पर पहुंचकर जांच करने पर पूरा मामला फर्जी निकला। जानकारी के अनुसार, तेनुआ माफी गांव निवासी भाष्कर ओझा ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि उनकी मामी चंद्रमुखी (86) की लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही महुली थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि वृद्धा चंद्रमुखी काफी समय से बीमार थीं। सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें पहले सीएचसी नाथनगर ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान बुधवार की रात उनकी मृत्यु हो गई।
पड़ोसियों सुनील कुमार दुबे और उनकी पत्नी स्नेहलता, जो लंबे समय से वृद्धा की देखभाल कर रहे थे, ने पुलिस को पूरी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि लूटपाट और हत्या की सूचना पूरी तरह निराधार है। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी अभय नाथ मिश्र भी थाने पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचकर अपनी-अपनी बात रख रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की अंतिम पुष्टि की जाएगी। मृतका के भांजे द्वारा दी गई लूटपाट और हत्या की सूचना पूरी तरह फर्जी पाई गई। प्रारंभिक जांच में वृद्धा की मौत अस्पताल में स्वाभाविक कारणों से होना सामने आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
