लद्दाख के लेह में शुक्रवार सुबह 08:31 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.9 मापी गई। इस भूकंप से कोई बड़ी क्षति की रिपोर्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना रहा।नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 थी। दार्चुला जिले के मुरई क्षेत्र को भूकंप का केंद्र बताया गया। इसके झटके आसपास के बैतड़ी और बझांग जिलों में भी महसूस किए गए।
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राजकोट जिले में मंगलवार शाम हल्के झटके महसूस किए गए। ISR के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 3.2 थी और इसका केंद्र राजकोट से लगभग सात किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में था। भूकंप का गहराई स्तर 15 किलोमीटर था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि झटके हल्के थे, लेकिन कुछ इमारतों में कंपन महसूस हुआ।नेपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार भूकंप की गतिविधियाँ जारी हैं। 17 मार्च को दार्चुला जिले में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। सोमवार को बाझंग जिले में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके पड़ोसी जिलों में भी महसूस किए गए। ऐसे लगातार झटके वैज्ञानिकों के लिए चेतावनी का संकेत हैं कि क्षेत्र में भूकंपीय तनाव बढ़ा हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप की तीव्रता चाहे कम हो, लेकिन इससे सुरक्षा, निर्माण और आपातकालीन तैयारी को गंभीरता से लेना आवश्यक है। लगातार हल्के झटके बड़े भूकंप की पूर्वसूचना भी दे सकते हैं। लद्दाख, नेपाल और गुजरात में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए और नागरिकों को सुरक्षित रहने की सलाह देनी चाहिए।
