पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एयर इंडिया समूह ने बड़ा फैसला लेते हुए 27 मार्च को खाड़ी देशों के लिए और वहां से भारत के लिए कुल 22 उड़ानों का संचालन करने का ऐलान किया है। इस पहल का उद्देश्य उन भारतीय यात्रियों को राहत देना है जो मौजूदा हालात के कारण फंसे हुए हैं या अपनी यात्रा को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस दोनों मिलकर इन उड़ानों का संचालन करेंगी। इनमें नियमित (scheduled) और विशेष (non-scheduled) उड़ानें शामिल हैं।
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एयर इंडिया जेद्दा और रियाद जैसे प्रमुख शहरों के लिए अपनी सेवाएं बढ़ा रही है। जेद्दा के लिए दिल्ली और मुंबई से दो-दो उड़ानें चलाई जाएंगी, जबकि रियाद के लिए मुंबई से सीधी सेवाएं उपलब्ध होंगी। दूसरी ओर, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। मस्कट के लिए दिल्ली और मुंबई से कुल चार उड़ानें संचालित होंगी। इसके अलावा रियाद के लिए बेंगलुरु और कोझिकोड से दो-दो उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इससे दक्षिण भारत के यात्रियों को भी काफी सुविधा मिलेगी।
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। एयर इंडिया समूह दुबई और अबू धाबी के लिए आठ अतिरिक्त गैर-निर्धारित उड़ानें चलाएगा, जो दिल्ली और मुंबई से संचालित होंगी। हालांकि, इन उड़ानों का संचालन स्थानीय परिस्थितियों और स्लॉट की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरलाइन ने कई राहत उपाय भी घोषित किए हैं। प्रभावित यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा को आगे बढ़ा सकते हैं या पूरा रिफंड ले सकते हैं। वहीं UAE से यात्रा करने वाले यात्री बिना अतिरिक्त शुल्क के भारत के किसी भी अन्य शहर के लिए उड़ान बदल सकते हैं।
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यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में अस्थिरता के चलते हवाई यात्रा पर भी असर पड़ा है। हाल की घटनाओं, जैसे सैन्य हमले और समुद्री ड्रोन अटैक, ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे माहौल में एयर इंडिया समूह की यह पहल न केवल यात्रियों को राहत देती है बल्कि यह भी दिखाती है कि संकट के समय एयरलाइंस कैसे जिम्मेदारी निभा सकती हैं।
