नया लुक डेस्क
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना के सबसे ताकतवर विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford पर लगी आग ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है-क्या यह हादसा था या अंदरूनी साजिश? अमेरिकी नौसेना इस बात की जांच कर रही है कि कहीं जहाज़ पर तैनात कुछ सैनिकों ने अपनी तैनाती खत्म कराने के लिए जानबूझकर आग तो नहीं लगाई। इस घटना ने दुनिया की सबसे मजबूत नौसेना की आंतरिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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दुनिया का सबसे महंगा जंगी जहाज़ बना जांच का केंद्र
करीब 13 अरब डॉलर की लागत से बना यह विमानवाहक पोत दुनिया का सबसे महंगा युद्धपोत माना जाता है।
- 12 मार्च को लगी आग से जहाज़ के कुछ हिस्सों को नुकसान
- 600 से ज्यादा क्रू मेंबर्स प्रभावित
- अब जहाज़ को ग्रीस के Souda Naval Base भेजा जा रहा है।
- यहां मरम्मत और विस्तृत जांच की जाएगी।
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अपने ही सैनिकों पर क्यों उठा शक?
- जहाज़ जून 2025 से लगातार समुद्र में तैनात है,
- तैनाती अवधि बार-बार बढ़ाई गई,
- सैनिकों को लंबे समय से घर लौटने का इंतजार
अमेरिकी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी एडमिरल जेम्स किल्बी पहले ही बता चुके थे कि मिशन लंबा चल सकता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि लगातार तनाव, थकान और अनिश्चितता के चलते कुछ सैनिकों ने तोड़फोड़ जैसा कदम उठाया हो सकता है।
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युद्ध के बीच बड़ा रणनीतिक झटका
यह विमानवाहक पोत खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक था। इसकी भूमिका में शामिल था।
- समुद्री काफिलों की सुरक्षा
- ईरानी खतरों पर नजर
- संवेदनशील मार्ग Strait of Hormuz की निगरानी
अब जहाज़ के अस्थायी रूप से हटने से इस अहम समुद्री क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य ताकत कमजोर पड़ सकती है।
क्या यह अनुशासनहीनता का सबसे बड़ा मामला?
अगर जांच में यह साबित होता है कि आग जानबूझकर लगाई गई थी, तो यह अमेरिकी नौसेना के इतिहास की सबसे गंभीर आंतरिक घटनाओं में शामिल होगा और यह दिखाएगा कि युद्ध का दबाव अब सैनिकों पर भारी पड़ रहा है।
