अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नए सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ वस्तुओं को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी देते हुए बताया कि इन नियमों का उद्देश्य मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
चंपत राय ने कहा कि मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही किसी भी प्रकार के हथियार को परिसर के अंदर ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंसी रिवॉल्वर, तलवार, बंदूक या अन्य किसी भी प्रकार का हथियार मंदिर परिसर के भीतर नहीं लाया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग सुरक्षा कर्मियों के साथ मंदिर परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति अपने साथ निजी सुरक्षा कर्मियों को लेकर आता है, तो उन सुरक्षा कर्मियों को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह नियम सभी के लिए समान रूप से लागू रहेगा।
हालांकि ट्रस्ट ने सिख समुदाय की धार्मिक परंपरा का सम्मान करते हुए एक विशेष छूट दी है। चंपत राय ने कहा कि सिख श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार छोटी किरपान पहनकर मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकते हैं। यह छूट केवल उन्हीं के लिए होगी जो कानूनी रूप से किरपान धारण करते हैं।
इसी बीच ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं भी करने की घोषणा की है। 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त अयोध्या पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
चंपत राय ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन कई श्रद्धालु उपवास रखते हैं। ऐसे लोगों के लिए मंदिर परिसर में व्रत से संबंधित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें फल, मखाना, मूंगफली और आलू के चिप्स जैसी चीजें शामिल होंगी, जो व्रत के नियमों के अनुसार होंगी।
इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था भी की जाएगी। मंदिर परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ट्रस्ट ने यह भी बताया कि सभा स्थल के पास शौचालय की सुविधा उपलब्ध रहेगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ट्रस्ट के अनुसार मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नए नियम लागू किए गए हैं। प्रवेश द्वारों और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी अगले कुछ दिनों में सार्वजनिक की जाएगी।
