- कपड़े से गला कसकर ली गई जान, लूट की आंशका
- सिसेंडी गांव में हुई घटना का मामला, इलाके में फैली सनसनी
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। राजधानी में एक और दुस्साहसिक वारदात हुई। मोहनलालगंज क्षेत्र के सिसेंडी में बदमाशों ने सोमवार की रात 50 वर्षीय रेशमा बानो व उनके 18 वर्षीय बेटे शादाब ( दृष्टिबाधित) की गला कसकर हत्या कर दी गई। दोनों का शव घर के भीतर पड़ा मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दोहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी सहित कई पुलिस के आलाधिकारी डॉग स्क्वायड व फिंगर प्रिंट दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। बदमाशों ने लूटपाट के दौरान मां-बेटे को मौत के घाट उतार देने की आंशका जताई जा रही है। वहीं पुलिस का मानना है कि वारदात किसी करीबी ने की है, क्योंकि घर में सामान पूरी तरह से सुरक्षित है। अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के मुताबिक हत्यारों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं।
पूरे घटनाक्रम पर एक नजर
मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित सिसेंडी गांव निवासी 50 वर्षीय रेशमा बानो व उनके 18 वर्षीय बेटे शादाब जो बचपन से दृष्टिबाधित था। मां-बेटे रोज की तरह सोमवार शाम घर में थे कि करीब दस बजे बदमाशों ने घर में धावा बोल दिया और घर में घुसते ही मां-बेटे की गला कसकर मौत की नींद सुला दिया। बताया जा रहा है कि मां-बेटे की घर के भीतर से कोई आहट न मिलने पर पड़ोस में रहने वाली सकीना मौके पर पहुंची और वहां का मंजर देख सन्न रह गईं।
यह देख सकीना आसपास में सूचना देने के साथ ही इसकी सूचना पुलिस को दी। डबल मर्डर की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और डॉग स्क्वायड व फिंगर प्रिंट दस्ते के साथ छानबीन की। अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के मुताबिक दोनों लोगों का शव घर के भीतर पड़ा था और दोनों का गला कपड़े से कसा हुआ था। उन्होंने बताया कि जांच पड़ताल के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि घटना किसी पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि किसी करीबी ने ही किया है। अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने बताया कि हत्यारों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं और उम्मीद है कि जल्द ही हत्यारे पकड़ लिए जाएंगे।
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शोर न गुल मारकर चले गए बदमाश
किसी जानने वालों पर गहराया शक, पुलिस कई बिंदुओं पर गहनता से कर रही छानबीन मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित सिसेंडी गांव निवासी 50 वर्षीय रेशमा बानो व उनके 18 वर्षीय बेटे शादाब का गला कपड़े से कसा हुआ था। बताया जा रहा है कि घटनास्थल से ऐसा लग रहा है कि मां-बेटे जान बचाने के लिए बदमाशों से संघर्ष किया, लेकिन बदमाशों के दुस्साहस के आगे घुटने टेक कर रह गए और बदमाश अपने नापाक इरादों में कामयाब होकर भाग निकले।
अनुमान है कि घटना रात करीब साढ़े नौ बजे के आसपास की है। पुलिस का यह भी कहना है मां-बेटे से कोई परिचित मिलने आया था जो बिना किसी विरोध के भीतर गया और घटना को अंजाम देकर आराम से भाग निकला। हालांकि पुलिस गहनता से छानबीन की लेकिन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। पुलिस खोजी कुत्ते की मदद से बदमाशों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। हालांकि खोजी कुत्ता घटनास्थल से होकर कुछ दूर तक गया फिर लौट आया इससे यही लग रहा है इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम किसी पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि उन्हीं के जानने वालों ने ही दिया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इससे इन्कार नहीं किया जा सकता लिहाजा कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है। वहीं इस घटना की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
