- पिछले डेढ़ माह में चार बार समाधान दिवस में गुहार लगाने के बाद भी समस्या का नहीं हो सका समाधान
- शराबियों के हुडदंग और खुले में सड़क किनारे बिक रहे मांस से नाराज़ है क्षेत्र के लोग
आशुतोष मिश्रा
संतकबीरनगर । महुली नाथनगर मार्ग पर स्थित शराब की दुकान को हटाने के लिए महिला अधिवक्ता का संघर्ष अभी भी जारी है। पिछले डेढ़ माह में चौथी बार धनघटा स्थित समाधान दिवस में जिलाधिकारी के सामने फिर से अर्जी पहुंची। ग्रामीणों की तरफ से महिला अधिवक्ता की दलील है कि शराबियों के हुडदंग से जहां स्कूल जाने वाली छात्राओं को आए दिन शर्मसार होना पड़ता है वहीं शराब की दुकान के चलते यह मार्ग एक्सीडेंटल स्पॉट भी बन चुका है। लगातार आवेदनों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होना समाधान दिवस के आयोजन की प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।
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महुली में स्थित शराब की दुकान को हटा कर अन्यत्र किए जाने की मांग को लेकर महिला अधिवक्ता सविता त्रिपाठी और अधिवक्ता गंगाधर द्विवेदी ने समाधान दिवस में डीएम की मौजूदगी में चौथी बार प्रार्थना पत्र सौंपा। जिसमें महिला अधिवक्ता का आरोप है कि महुली में नाथनगर महुली मुख्य मार्ग पर तीन शराब की दुकानें हैं। जिसकी वजह से वहां अपरान्ह 3 बजे से लेकर रात्रि 9 तक भारी भीड़ रहती है । शराबियों के हुडदंग से जहां सड़क पर दुर्घटना की स्थिति पैदा हो जाती है वहीं मुख्य मार्ग पर खुले में मांस की बिक्री भी आम बात है। जिसकी वजह से राहगीरों का चलना दूभर हो गया है।
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शराबियों की भीड़ और मांस की बिक्री के कारण महिलाओं का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। अधिवक्ता की दलील है कि मुख्य मार्ग पर शराब के दुकान की स्थापना के चलते इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था अनियंत्रित हो गई है। जिसके चलते कई मार्ग दुर्घटना हो चुकी है जिसमे कई जाने भी जा चुकी हैं। त्रिपाठी ने अपने प्रार्थना पत्र में सिफारिश किया कि शराब की दुकान कहीं अन्यत्र स्थापित कर दिया जाए। विदित है कि बीते डेढ़ महीने में समाधान दिवस में चार बार और कलेक्ट्रेट में भी डीएम के सामने भी शराब की दुकान हटाने की मांग की जा चुकी है। फिर भी समस्या का समाधान। नही होने से ग्रामीणों में समाधान दिवस के आयोजन के औचित्य पर भी सवाल खड़ा होने लगा है।
