विफलता: आखिर कहां गए खून बहाने वाले, 11 साल बीतने के बाद भी नहीं मिले कातिल

  • विकासनगर में हुए दोहरे हत्याकांड का मामला

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। पांच मार्च 2016 दिन शनिवार घटना करीब दस बजे की। विकासनगर सेक्टर तीन में बागपत जेल में मारे गए माफिया मुन्ना बजरंगी के साले पुष्प जीत सिंह और उसके साथी संजय मिश्र को बाइक सवार बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और हत्यारों की गर्दन दबोचने के लिए पुलिस की टीमें गठित की। पुलिस की टीमें अफसरों का फरमान जारी होते ही कुछ समय के लिए हिलती-डुलती नजर आई। टीम इस घटना के मामले में गैंगवॉर सहित कई बिंदुओं पर गहनता से जांच पड़ताल करने का दावा किया, लेकिन करीब 11 साल बीतने के बाद पुलिस यह पता नहीं लगा पाई कि दोनों की जान किसने और क्यों ली।

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पुलिस की टीमें लखनऊ के अलावा पूर्वांचल तक जाकर जाल बिछाया, लेकिन नतीजा सिफर। सनद रहे कि पांच मार्च 2016 को विकासनगर सेक्टर तीन में रहने वाले माफिया मुन्ना बजरंगी के साले पुष्प जीत सिंह और उसके साथी संजय मिश्र को बाइक सवार बदमाशों ने उस समय निशाना बनाया था जब वे संजय मिश्र अपने एक रिश्तेदार के यहां मिलने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुष्प जीत सिंह और संजय मिश्र रिश्तेदार से मिलने के बाद सबौली स्थित अपने घर के लिए निकले कि रास्ते में असलहों से लैस बेखौफ बदमाशों ने ओवरटेक कर घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग झोंकनी शुरू कर दोनों को मौत की नींद सुला दिया। एक साथ दो लोगों की हत्या की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सायरन बजाती हुई पुलिस अफसरों की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची।

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पुलिस आनन-फानन में दोनों घायलों को ट्रामा सेंटर भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस हत्यारों की तलाश में नाकेबंदी कर तलाश शुरू की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, कातिल शामिल बहुत दूर तलक निकल चुके थे। हत्यारों की खोज के पुलिस के आलाधिकारियों ने पुलिस की चार-पांच टीमें लगाई और दावा किया कि कातिल बहुत ही जल्द पकड़ लिए जाएंगे। विकासनगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें सूचीबद्ध इलाकाई बदमाशों की कुंडली खंगालने के अलावा आसपास के जिलों तक डेरा डाल गहनता से जांच पड़ताल शुरू की, लेकिन 11 साल का दिन गुजरने के बाद ही भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस की सुस्त तफ्तीश इस बात की गवाही दे रही है कि पुलिस हार मान कर पूरे मामले पर पर्दा डाल चुप्पी साध ली। इस बाबत जब भी किसी जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों से सवाल किया गया तो उनका वही रटा-रटाया जवाब मिलता है कि पुलिस की टीमें काम कर रहीं हैं और जल्द ही कातिल पकड़ लिए जाएंगे।

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