उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के पहले दिन महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। इस दौरान विभिन्न जापानी और भारतीय कंपनियों के साथ लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों से राज्य में औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिन प्रमुख कंपनियों के साथ करार हुआ है, उनमें Kubota Corporation, Minda Corporation, Japan Aviation Electronics Industry, Nagase & Co., Ltd. और Seiko Advance Ltd. जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं। ये समझौते कृषि उपकरण निर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यावरण समाधान और औद्योगिक मशीनरी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।
इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही आधुनिक तकनीक के उपयोग से औद्योगिक उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि इस सहयोग से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और वैश्विक निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभरेगा।
इसके अलावा हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट सेक्टर में भी निवेश के समझौते हुए हैं, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी। इस दौरे के पहले ही दिन हुए ये करार भारत और जापान के बीच मजबूत होते आर्थिक संबंधों का संकेत देते हैं और उत्तर प्रदेश को औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
