- यूपी ATS नें किया गिरफ्तार
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। यूपी ATS नें VPN का पेड वर्जन प्रयोग कर अलग अलग लोगों से वाइफाई कनेक्शन लेकर अपनी पहचान छुपाने का हर संभव प्रयास कर जौनपुर न्यायालय परिसर एवं पुलिस लाइन गेट को बम से उड़ाने की धमकी भरी मेल करने वाले आरोपी विशाल रंजन को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है। जिसके पास से पांच मोबाईल फोन व एक लैपटॉप व दो मेमरी कार्ड औऱ चार सिम कार्ड व 21092 रुपए नगद बरामद किया । एटीएस के मुताबिक बीती 17 फरवरी को जिला न्यायाधीश महोदय के सरकारी ई-मेल आईडी पर अलग अलग कुल पांच ई-मेल आई डी से जो अलग अलग नाम से लिए गए मोबाईल नंबरों से इंटरनेट प्रयोग कर एवं वीपीएन का पेड वर्जन के प्रयोग से आईपी प्रॉक्सी कर प्रोटॉन मेल पर ही मेल आईडी बनाकर जौनपुर न्यायालय परिसर एवं जौनपुर पुलिस लाईन गेट को उड़ाने की धमकी दी गयी थी।
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एटीएस के मुताबिक मेल में कुछ मोबाईल नंबर अंकित करते हुए, अंकित मोबाईल नंबरों पर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से एक लाख रुपए भेजवाने एवं न भेजवाने पर जौनपुर न्यायालय परिसर एवं पुलिस लाईन गेट को बम से उड़ाने की धमकी दी गयी थी।इसको लेकर धारा 308 (5), 125,351 (3) भारतीय न्याय संहिता 2023, 7 अपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 व 66 आईटी एक्ट 2008 थाना लाईन बाजार जनपद जौनपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस धमकी भरे ई-मेल की जांच उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा की जा रही थी। एटीएस के मुताबिक सभी ई-मेल आईडी व मेल में अंकित सभी मोबाईल नंबरों का इलेक्ट्रानिक एंव भौतिक संसाधनों का प्रयोग कर गहनता से जांच एवं मेल में अंकित सभी मोबाईल नंबरों के प्रयोग कर्ताओं की सोशल मीडिया की गतिविधियों, वीपीएन, प्रॉक्सी मेल का गहनता से विश्लेषण कर और जानकारी से विशाल रंजन पुत्र हीरालाल निवासी बक्शपुर थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ प्रकाश में आया।
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एटीएस टीम नें विशाल रंजन के सिधारी आजमगढ रहने वाले किराए के मकान पर पहुंचकर जब पूछताछ एवं उसके कमरे की तलाशी ली तो उसके पास से कुल पांच मोबाईल फोन एवं एक लैपटॉप बरामद हुआ। उसके द्वारा प्रयोग किए जाने वाले सभी मोबाईल फोन की जांच की गयी तो पता चला कि जिन ई-मेल आईडी का प्रयोग कर धमकी दी गयी थी, उन नामों से एवं अन्य अलग अलग नामों से प्रोटॉन मेल, जीमेल, आउट लुक की लगभग 50 ई-मेल आईडी प्राप्त हुई एवं अलग अलग नामों से लगभग 20 फेसबुक आईडी मिली, तथा सोशल मीडिया से महिलाओं की तस्वीरें डाउनलोड कर अश्लील कंटेट भी तैयार किया हुआ प्राप्त हुआ, साथ ही आजमगढ रोडवेज को बम से उड़ाने सम्बन्धित मैसेज तैयार किया गया था, जिसमें जौनपुर कचहरी उड़ाने सम्बन्धित धमकी भरे प्राप्त मेल में अंकित मोबाईल नम्बरों को ही दर्ज किया गया था।यदि यह गिरफ्तार नही होता तो कुछ दिनों में ये मेल भी परिवहन निगम की ई-मेल पर भेजता।
एटीएस के मुताबिक विशाल रंजन से जब इन ई-मेल आईडी और धमकी से संबन्धित पूछताछ की गयी तो आरोपी नें बताया कि जिस लड़की से वह प्यार करता था उसकी शादी जौनपुर के एक लड़के से तय हो गयी थी। विशाल उपरोक्त यह नही चाहता था कि उस लड़की की कही भी शादी तय की जाए। विशाल रंजन जिस लड़के से शादी तय हुई उसकी फर्जी आईडी बनाकर आपत्ति जनक पोस्ट कर दिया। जिसके बाद दोनों पक्ष में पंचायत हुई और विशाल रंजन को उस पंचायत में माफी मांगनी पड़ी। बदले की भावना से लड़के पक्ष से जितने लोग पंचायत में शामिल थे उनका मोबाईल नंबर पहले सोशल मीडिया पर सर्च किया तो उस गांव में आयोजित एक क्रिकेट टुर्नामेंट का पंपलेट मिल गया जिसमें उस गांव के कुछ युवकों के मोबाईल नंबर व नाम मिल गए जो पंचायत में शामिल थे, फिर उन युवकों के नाम के साथ-साथ अपनी प्रेमिका के मंगेतर के नाम से भी फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर व उनके मोबाईल नंबरों का प्रयोग कर जौनपुर न्यायालय परिसर एवं पुलिस लाईन गेट को बम से उड़ाने की धमकी दिया गया ताकि पुलिस उन सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दे और इसका बदला पूरा हो सके।एटीएस के मुताबिक पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विशाल रंजन को आज आजमगढ़ के थाना सिधारी क्षेत्र अंतर्गत हड़हा बाबा नरौली में किराए के कमरे से पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
