लोकसभा में जगदंबिका पाल और राहुल गांधी के बीच तीखी नोकझोंक

लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान उस वक्त दिलचस्प और हल्का राजनीतिक तंज से भरा दृश्य देखने को मिला, जब पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल और नेता विपक्ष राहुल गांधी के बीच संवाद ने पूरे सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बहस का केंद्र बजट था, लेकिन चर्चा के दौरान व्यक्तिगत राजनीतिक संदर्भ भी सामने आ गए। राहुल गांधी जब अपने भाषण के दौरान आर्थिक सर्वे, वैश्विक अस्थिरता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभाव जैसे मुद्दों पर बोल रहे थे, तभी चेयर की ओर से उन्हें बार-बार मूल विषय पर आने की याद दिलाई गई। जगदंबिका पाल ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें बजट पर केंद्रित रहना चाहिए। इसी बीच राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा कि आप (जगदंबिका पाल) कभी कांग्रेस में थे, इसलिए मैं आपको एक विशेष सम्मान दे रहा हूं और थोड़ा पीछे हट रहा हूं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “हम जानते हैं आपका दिल इधर है।”

इस टिप्पणी पर जगदंबिका पाल ने संयमित लेकिन तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे इस समय एक निष्पक्ष पीठासीन अधिकारी के रूप में बैठे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा, “अगर आप मेरी सलाह मानते तो आज वहां (विपक्ष की सीटों पर) नहीं बैठे होते।” इस जवाब के बाद सदन में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया और राहुल गांधी भी कुछ क्षणों के लिए शांत दिखाई दिए।

भारतीय वायुसेना को मिलेंगे नए राफेल जेट, रक्षा मंत्रालय ने खरीद प्रस्ताव को दी मंजूरी

अपने भाषण में राहुल गांधी ने वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन में बदलाव आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की दिशा तय करेगी और भारत के पास सबसे बड़ा डेटा पूल है, जो देश की सबसे बड़ी संपत्ति हो सकता है। उनके अनुसार, “डेटा ही 21वीं सदी का ईंधन है।” भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि डिजिटल ट्रेड नियमों और डेटा प्रवाह को लेकर सरकार ने पर्याप्त सावधानी नहीं बरती। उन्होंने कहा कि अगर भारत अपने डेटा पर नियंत्रण खो देता है, तो भविष्य में आर्थिक और रणनीतिक नुकसान हो सकता है। इस दौरान उन्होंने सरकार पर तीखे राजनीतिक आरोप भी लगाए।

हालांकि, जब उन्होंने अपने भाषण में कुछ संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय संदर्भों का उल्लेख किया, तो चेयर ने उन्हें बीच में रोकते हुए सदन की गरिमा और नियमों का हवाला दिया। जगदंबिका पाल ने स्पष्ट किया कि चर्चा बजट तक सीमित रहनी चाहिए और असंबंधित मुद्दों को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर लोकसभा में बहस की शैली और राजनीतिक संवाद की प्रकृति पर ध्यान केंद्रित कर दिया। जहां एक ओर विपक्ष सरकार की नीतियों पर आक्रामक रहा, वहीं पीठासीन अधिकारी ने नियमों के पालन पर जोर दिया। दोनों नेताओं के बीच हुआ यह संवाद राजनीतिक इतिहास और वर्तमान परिस्थितियों का दिलचस्प संगम बन गया। संसद में ऐसी नोकझोंक नई नहीं है, लेकिन इस बार व्यक्तिगत राजनीतिक अतीत के संदर्भ ने इसे और भी चर्चित बना दिया। बजट चर्चा के बीच यह संवाद सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

Business Economy homeslider

Gold Silver Price Today: गिरावट से मिली राहत, जानिए आपके शहर में क्या है ताजा रेट

सोना-चांदी के दामों में आज नरमी देखने को मिली, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है। जिन लोगों ने खरीदारी टाल रखी थी, उनके लिए यह राहत की खबर है। MCX पर दोनों धातुएं गिरावट के साथ खुलीं, जो पिछले सत्र की तुलना में कमजोरी दर्शाती हैं। चांदी के दामों में करीब 2,000 रुपये […]

Read More
Crime News National

एएनटीएफ यूनिट बरेली: बीस लाख रुपए कीमत की अफीम के साथ एक तस्कर गिरफ्तार

चार किलो अवैध अफीम, एक मोबाइल फोन व 3,400 रुपए की नकदी बरामद   ए अहमद सौदागर लखनऊ। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) यूनिट बरेली ने काफी दिनों से मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले गिरोह का राजफाश कर गिरोह के एक सदस्य को सुभाषनगर थाना क्षेत्र से गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। एएनटीएफ टीम […]

Read More
Economy National Politics

सुपरसोनिक केसरिया उदय: योगी आदित्यनाथ का रणनीतिक विजन, आर्थिक कायाकल्प और वैश्विक राज्य कौशल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में प्रतीकों का हमेशा से एक गहरा अर्थ रहा है, लेकिन फरवरी 2026 के मध्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपने सोशल मीडिया बैनर में किया गया बदलाव सामान्य शिष्टाचार से कहीं अधिक एक रणनीतिक घोषणापत्र की तरह प्रतीत होता है। बजट 2026-27 की प्रस्तुति के ठीक अगले दिन, […]

Read More