पटना की राजनीतिक फिजा एक बार फिर गर्म है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का नाम एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला उनके कथित निजी रिश्ते से जुड़ा है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि उनकी कथित गर्लफ्रेंड रहीं अनुष्का यादव ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है। हालांकि तेज प्रताप यादव ने इन खबरों को पूरी तरह से अफवाह करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया जवाब
मामला तूल पकड़ता देख तेज प्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका अनुष्का नाम की किसी महिला से कोई संबंध नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस बच्चे का जिक्र किया जा रहा है, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। अपने बयान में उन्होंने “जयचंद” शब्द का इस्तेमाल करते हुए पांच लोगों के नाम लिए, जिन पर उन्होंने तस्वीरें वायरल करने और परिवार व पार्टी में उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया।
किन लोगों पर लगाए आरोप?
तेज प्रताप यादव ने जिन लोगों के नाम लिए, उनमें सुनील सिंह, आकाश भाटी, मुकेश रौशन और संजय सिंह शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि ये लोग उनके खिलाफ गलत सूचनाएं फैलाने में भूमिका निभा रहे हैं।
मुकेश रौशन का नाम लेते हुए तेज प्रताप ने कहा कि वे पहले महुआ विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। इसी सीट से तेज प्रताप भी चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों हाल के विधानसभा चुनाव में हार गए थे। तेज प्रताप का आरोप है कि उनके खिलाफ चल रही गतिविधियों का संचालन रौशन कर रहे हैं।
संजय यादव का नाम भी उन्होंने प्रमुखता से लिया। संजय यादव को राजद में तेजस्वी यादव के करीबी नेता और राजनीतिक सलाहकार के रूप में देखा जाता है। तेज प्रताप पहले भी उन पर पार्टी से बाहर करवाने की कोशिश का आरोप लगा चुके हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद
तेज प्रताप यादव का नाम पहले भी कई बार विवादों में आ चुका है। कभी उनके बयान, तो कभी उनकी पार्टी लाइन से अलग चलने की शैली चर्चा का विषय बनी है। इस बार निजी जीवन से जुड़े आरोपों ने राजनीतिक रंग ले लिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में निजी जीवन और राजनीति के बीच की दूरी कम हो गई है। ऐसे में किसी भी तरह की अफवाह तेजी से फैलती है और उसका असर सीधे राजनीतिक छवि पर पड़ता है।
हालांकि, अभी तक इन आरोपों की पुष्टि किसी आधिकारिक स्रोत से नहीं हुई है। तेज प्रताप का कहना है कि उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है और वे कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।
पार्टी पर असर?
इस पूरे घटनाक्रम का असर राजद की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ सकता है। पहले से ही पार्टी के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच से पार्टी से जुड़े नेताओं पर आरोप लगाना आने वाले समय में नई बहस को जन्म दे सकता है।
फिलहाल, तेज प्रताप यादव ने अपने रुख को साफ करते हुए कहा है कि वे किसी भी झूठे प्रचार से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। तेज प्रताप यादव से जुड़े इस विवाद ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक ओर सोशल मीडिया पर आरोपों का दौर जारी है, तो दूसरी ओर वे इसे साजिश बताते हुए अपने विरोधियों पर निशाना साध रहे हैं। आगे यह मामला किस दिशा में जाता है, यह आने वाला समय ही बताएगा।
