संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, डेटा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और किसानों के हितों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनके भाषण के दौरान सदन में कई बार शोर-शराबा भी हुआ, खासकर तब जब उन्होंने कुछ विवादित संदर्भों का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत एक प्रतीकात्मक उदाहरण से की। उन्होंने कहा कि जैसे मार्शल आर्ट में ‘ग्रिप’ दिखाई नहीं देती लेकिन वही मुकाबले की दिशा तय करती है, उसी तरह राजनीति में भी अदृश्य पकड़ होती है। उनका संकेत सरकार की नीतिगत दिशा की ओर था।
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व्यापार समझौते पर सवाल
अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह सौदा बराबरी की शर्तों पर नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते से भारतीय किसानों और छोटे उद्योगों को नुकसान हो सकता है। उनका कहना था कि यदि आयात शुल्क में असंतुलन पैदा होता है तो घरेलू उत्पादक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले देश के कृषि और लघु उद्योग क्षेत्र के हितों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए थी। राहुल के अनुसार, आर्थिक नीतियों में पारदर्शिता और संसद में विस्तृत चर्चा आवश्यक है।
डेटा और AI पर चिंता
राहुल गांधी ने वैश्विक राजनीति में डेटा को सबसे बड़ी पूंजी बताया। उनका कहना था कि आज दुनिया तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां डेटा रणनीतिक शक्ति बन चुका है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत ने अपने नागरिकों के डेटा की सुरक्षा और स्वामित्व पर स्पष्ट नीति नहीं बनाई तो भविष्य में यह बड़ा खतरा बन सकता है। AI के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में रोजगार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि बजट में तकनीकी बदलाव से प्रभावित युवाओं के लिए क्या ठोस प्रावधान किए गए हैं।
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सदन में हंगामा
राहुल गांधी के भाषण के दौरान कुछ टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बनी। बाद में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया। कुल मिलाकर राहुल गांधी का भाषण सरकार की आर्थिक और विदेश नीति पर तीखा राजनीतिक प्रहार था, जिसमें उन्होंने किसानों, युवाओं और डेटा सुरक्षा को मुख्य मुद्दा बनाया।
