- मुख्यमंत्री का आदेश भी बेअसर
- तीर्थ यात्रियों की आड़ में ढोए जा रहे हैं आम यात्री
- सोनौली प्राइवेट स्टैंड में खड़ी डग्गामार बसें
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली / महराजगंज! भारत-नेपाल के सोनौली सीमा से बिना परमिट डग्गामार बसों का अवैध संचालन बेखौफ जारी है। इन बसों के माध्यम से नेपाल से दिल्ली, हैदराबाद सहित देश के कई बड़े महानगरों तक यात्रियों को पहुंचाया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार की जानकारी संबंधित विभागों को होने के बावजूद कार्रवाई प्रभावी नहीं दिख रही है। यह पूरा खेल एक संगठित सिंडिकेट के जरिए चलाया जा रहा है। नेपाल के काठमांडू पोखरा, बुटबल, भैरहवा और बेलहिया में बाकायदा टिकट काउंटर संचालित हैं। यहां दलाल यात्रियों से टिकट काटते हैं और उन्हें सोनौली सीमा तक पैदल लाया जाता है । इन यात्रियों को उत्तर प्रदेश के लखनऊ, दिल्ली, तेलंगना जयपुर, विहार समेत अन्य राज्यों के लिए रवाना कर दिया जाता है।
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बताया जा रहा है कि इन बसों के पास न तो अंतर्राज्यीय परमिट है और न ही यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन किया जा रहा है। इसके बावजूद रोज शाम दर्जनों बसें सोनौली से निकल रही हैं। दलाल यत्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जबकि किसी दुर्घटना या समस्या की स्थिति में यात्रियों के पास न तो बीमा होता है और न ही कोई कानूनी सहारा। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि डग्गामार बसों के इस संगठित संचालन से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद परिवहन विभाग और पुलिस की कार्रवाई सीमित रहना संदेह पैदा करता है। यदि समय रहते इस सिडेकेट पर सख्ती नहीं की गई तो यह नेटवर्क और मजबूत हो सकता है एआरटीओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि समय-समय पर डग्गामार बसों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।
