हरिद्वार। रुड़की के एक ही गांव के दो अलग-अलग सामूहिक दुष्कर्म के मामलों ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों ही घटनाओं में पीड़ित महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर बेहोश करके उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों घटनाएं अलग-अलग समय की हैं, लेकिन अपराध का तरीका और आरोपियों की कार्यप्रणाली एक जैसी होने के कारण मामलों को आपस में जोड़कर भी देखा जा रहा है। एक मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जबकि दूसरे प्रकरण में पीड़िता की तहरीर का इंतजार किया जा रहा है।
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पहली घटना रुड़की कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की बताई जा रही है। पीड़िता का पति ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता है और काम के सिलसिले में लंबे समय से घर से बाहर था। इसी दौरान पति का परिचित व्यक्ति महिला के घर पहुंचा और उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिला हुआ था। महिला के बेहोश होते ही आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि तीनों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और इस दौरान अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर ली। बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक महिला का शोषण किया गया। जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपियों ने वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया, जिससे उसे मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
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इसी गांव से जुड़ी एक अन्य महिला के साथ भी इसी तरह की वारदात सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामला न केवल दुष्कर्म बल्कि गंभीर साइबर अपराध से भी जुड़ा हुआ है। वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच की जा रही है और आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़िताओं को हर संभव सुरक्षा और सहायता प्रदान की जाएगी।
