Business : भारत में बीते कुछ वर्षों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है, जिसने यात्रा के मायने ही बदल दिए हैं। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में घंटों लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक एक्सप्रेस-वे के जरिए वही सफर कुछ ही मिनटों में पूरा हो रहा है। इसी कड़ी में भारत को एक ऐसा एक्सप्रेस-वे मिला है, जिसकी चौड़ाई और तकनीक देखकर विदेशी हाईवे भी पीछे छूट जाएं। हम बात कर रहे हैं देश के सबसे चौड़े एक्सप्रेस-वे की, जो पूरे 14 लेन में फैला हुआ है।
भारत का सबसे चौड़ा एक्सप्रेस-वे कौन सा है?
दिल्ली से मेरठ को जोड़ने वाला दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेस-वे आज भारत का सबसे चौड़ा एक्सप्रेस-वे माना जाता है। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के मेरठ तक जाता है। इसकी कुल लंबाई लगभग 96 किलोमीटर है, लेकिन इसकी सबसे खास बात इसका चौड़ा सेक्शन है। दिल्ली से गाजियाबाद के डासना तक का हिस्सा पूरे 14 लेन का है, जो इसे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के चुनिंदा सबसे चौड़े एक्सप्रेस-वे में शामिल करता है।
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कैसे बंटी हैं 14 लेन?
इस एक्सप्रेस-वे की डिजाइनिंग बेहद स्मार्ट तरीके से की गई है। बीच की 6 लेन हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे के लिए हैं, जहां वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकते हैं। दोनों ओर 4-4 लेन स्थानीय ट्रैफिक और नेशनल हाईवे के लिए बनाई गई हैं। इस व्यवस्था की वजह से एक्सप्रेस ट्रैफिक और लोकल ट्रैफिक एक-दूसरे से टकराते नहीं हैं, जिससे जाम की समस्या लगभग खत्म हो जाती है।
घंटों का सफर अब मिनटों में
एक समय था जब दिल्ली से मेरठ पहुंचने में 3 से 4 घंटे लग जाया करते थे। खासकर गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम आम बात थी। लेकिन दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं। अब वही दूरी महज 45 से 50 मिनट में तय हो जाती है। सिग्नल-फ्री कॉरिडोर होने के कारण रेड लाइट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे न सिर्फ समय की बचत होती है, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होती है।
स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल
यह एक्सप्रेस-वे सिर्फ चौड़ा ही नहीं, बल्कि तकनीक के मामले में भी बेहद एडवांस है। सड़क के किनारों और पिलर्स पर वर्टिकल गार्डन लगाए गए हैं, जिससे प्रदूषण कम हो और हरियाली बनी रहे। रात के समय रोशनी के लिए सोलर लाइटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। यह भारत का पहला एक्सप्रेस-वे है, जहां अलग साइकिल ट्रैक और फुटपाथ भी बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से भी यह एक्सप्रेस-वे खास है। टोल प्लाजा पर ANPR तकनीक (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) लगाई गई है, जिससे गाड़ियों को रोके बिना ही टोल वसूली हो जाती है।
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आधुनिक भारत की नई तस्वीर
दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेस-वे सिर्फ एक सड़क नहीं है, बल्कि यह भारत की बदलती सोच और बढ़ती क्षमता का प्रतीक है। यह दिखाता है कि देश अब तेज, सुरक्षित और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। जहां पहले सफर थकान और तनाव से भरा होता था, वहीं अब यात्रा आरामदायक, तेज और सुविधाजनक बन चुकी है। यही वजह है कि दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेस-वे को आधुनिक भारत की नई पहचान कहा जा रहा है।
