नया लुक डेस्क
नई दिल्ली। एक फरवरी 2026 को बजट पेश होने से पहले ही देश में तंबाकू और सिगरेट की ‘अर्थव्यवस्था’ पूरी तरह बदल चुकी है। सोशल मीडिया पर इन दिनों चर्चा जोरों पर है कि जो सिगरेट अब तक 18 रुपये में मिलती थी, अब उसकी कीमत 70 से 72 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि सच्चाई यह है कि इतनी भारी बढ़ोतरी की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह महज GST और नए टैक्स ढांचे को जोड़कर लगाए जा रहे अनुमान हैं। लेकिन एक बात तय मानी जा रही है, सिगरेट और तंबाकू उत्पाद अब पहले से काफी महंगे जरूर होंगे, और इसका असर सीधे आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ेगा।
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दिसंबर 2025 में तय हो गया था महंगाई का रास्ता
असल बदलाव दिसंबर 2025 में ही तय हो गया था, जब केंद्र सरकार ने संसद में सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 पेश किए थे। इन दोनों कानूनों का सीधा निशाना सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पाद थे। लोकसभा और राज्यसभा से पास होते ही यह साफ हो गया था कि 1 फरवरी 2026 से इनके दाम बढ़ना तय है। अब तक सिगरेट पर 28% GST और अलग से कंपंसेशन सेस लगता था, लेकिन नए कानून के तहत उसकी जगह अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और कुछ उत्पादों पर हेल्थ सेस लगा दिया गया है। यह सब 40% की सबसे ऊंची GST दर के ऊपर से वसूला जाएगा। यानि अब कीमत का हिसाब होगा उत्पाद की कीमत + 40% GST + एक्साइज ड्यूटी (+ पान मसाला पर हेल्थ सेस)
अब MRP के हिसाब से लगेगा टैक्स
एक बड़ा बदलाव यह भी है कि 1 फरवरी 2026 से चबाने वाले तंबाकू, गुटखा और जर्दा जैसे उत्पादों पर टैक्स फैक्ट्री लागत नहीं बल्कि पैकेट पर लिखी MRP के आधार पर लगेगा। इससे कंपनियों के लिए कीमत छुपाने का खेल खत्म हो जाएगा और ग्राहकों को सीधा असर महसूस होगा।
सिगरेट पर प्रति स्टिक टैक्स, लंबाई से तय होगा रेट
सरकार ने सिगरेट पर अब प्रति स्टिक एक्साइज ड्यूटी लागू कर दी है, जो उसकी लंबाई और डिजाइन पर निर्भर करेगी।
- 65 मिमी तक की बिना फिल्टर सिगरेट पर करीब ₹2.05 प्रति स्टिक
- इसी साइज की फिल्टर सिगरेट पर लगभग ₹2.10
- 65–70 मिमी की सिगरेट पर ₹3.60 से ₹4
- 70–75 मिमी की प्रीमियम सिगरेट पर करीब ₹5.40
- खास डिजाइन वाली सिगरेट पर सबसे ज्यादा ₹8.50 प्रति स्टिक टैक्स
इस बदलाव के बाद सिगरेट पर कुल टैक्स बोझ 50–55% से बढ़कर 60–70% तक पहुंच सकता है। यानी बाजार में कीमतें 25 से 30 रुपये तक उछल सकती हैं।
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70 रुपये वाली सिगरेट? फिलहाल सिर्फ अनुमान
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में 18 रुपये की सिगरेट के 70–72 रुपये तक पहुंचने की बातें कही जा रही हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे फिलहाल अतिरंजित अनुमान मान रहे हैं। 300 फीसदी तक बढ़ोतरी व्यावहारिक नहीं लगती, हालांकि यह तय है कि सिगरेट अब सस्ती नहीं रहेगी।
हर कश पड़ेगा भारी
सरकार का मकसद साफ है नशे के उत्पादों को महंगा बनाकर उनकी खपत कम करना और राजस्व बढ़ाना। लेकिन आम लोगों के लिए इसका मतलब यह है कि अब सिगरेट पीना सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं, जेब के लिए भी नुकसानदेह साबित होगा। आने वाले दिनों में कंपनियां नए टैक्स के मुताबिक कीमतें तय करेंगी, तब असली तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल इतना तय है कि हर कश के साथ धुआं ही नहीं, पैसे भी तेजी से उड़ेंगे।
