- इससे पहले दस साथियों को पुलिस गिरफ्तार कर भेज चुकी है सलाखों के पीछे
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बीते दस अक्टूबर 2025 को CBCID कालोनी में रहने वाले शैलेन्द्र वर्मा के ऊपर जान से मारने की नीयत से गोलियों की बौछार करने वाले नामजद हमलावर मोहम्मद यासीर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की टीम ने शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर नंदपुर गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस घटना में शामिल आशुतोष मिश्रा, सत्यम, उत्कर्ष मिश्रा, अभय प्रताप सिंह सहित अन्य लोगों पुलिस इससे पहले गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इसमें शामिल सुल्तानपुर व हाल पता गोमतीनगर विस्तार निवासी अभय प्रताप सिंह उर्फ अभय माफिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आलाधिकारियों ने इनाम घोषित कर रखा था, जिसे कुख्यात यासीर से पहले गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक बीते दस अक्टूबर 2025 को चिनहट क्षेत्र के विकल्प खंड स्थित सीबीसीआईडी कालोनी निवासी शैलेंद्र वर्मा ने लिखित तहरीर देकर बताया कि उनके ऊपर जान से मारने की नीयत से आशुतोष मिश्रा, सत्यम, उत्कर्ष, अभय प्रताप सिंह सहित तीन-चार अन्य लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच पड़ताल शुरू की गई तो इस घटना में एक-दो नहीं बल्कि 11 हमलावर शामिल थे।
इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक नामजद आरोपी अभय प्रताप सिंह सहित दस हमलावरों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया था, जबकि इस मुकदमे में नामजद बलिया जिले के बिल्थरारोड के उभाव थाना क्षेत्र स्थित कुंडैल गांव निवासी मोहम्मद यासिर पुत्र नजमुद्दीन चिनहट क्षेत्र के नंदपुर गांव के पास से गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर के मुताबिक आरोपी यासिर इंदिरा नगर क्षेत्र के फ्लैट नंबर 401 एडोनिया एमयू अपार्टमेंट में रहता था। विवेचना अधिकारी विकास कुमार तिवारी के मुताबिक पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह स्कार्पियो यूपी 53 सी वाई 6444 को किराए पर स्काई लाइन से लिया था, जबकि मौके पर फायरिंग अभय प्रताप सिंह ने ही किया था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
