बॉलीवुड में तीन दशक से राज कर रहीं रानी मुखर्जी एक बार फिर बड़े पर्दे पर दमदार वापसी के लिए तैयार हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मर्दानी 3’ रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें वह एक बार फिर निडर पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आएंगी। फिल्म की रिलीज से पहले रानी मुखर्जी ने इंडिया टीवी से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने करियर से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और कम चर्चित किस्सा साझा किया।
रानी मुखर्जी ने बताया कि उनके करियर की शुरुआत आसान नहीं थी। आज जिस आवाज को उनकी पहचान माना जाता है, कभी उसी आवाज को लेकर मेकर्स को संदेह था। उन्होंने खुलासा किया कि शुरुआती दौर में कई फिल्मों में उनकी आवाज डब करवाई जाती थी, क्योंकि यह माना जाता था कि दर्शक उनकी असली आवाज को स्वीकार नहीं करेंगे।
रानी ने साल 1998 में आई फिल्म ‘गुलाम’ का जिक्र करते हुए बताया कि उस फिल्म में उनकी आवाज किसी और कलाकार से डब करवाई गई थी। हालांकि, उन्होंने इस फैसले को कभी नकारात्मक रूप से नहीं लिया। रानी के मुताबिक, उस वक्त वह सिनेमा को एक टीमवर्क की तरह देखती थीं, जहां हर फैसला फिल्म के हित में लिया जाता है।
तलाक की चर्चाओं पर लगा ब्रेक, प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव संग फोटो शेयर कर लिखा– ‘All is Good’
उन्होंने कहा,
“जब आप किसी फिल्म का हिस्सा होते हैं, तो आपको एक टीम प्लेयर बनना पड़ता है। कभी-कभी फैसले आपके पक्ष में नहीं होते, लेकिन उनका मकसद फिल्म को बेहतर बनाना होता है।”
रानी ने साफ किया कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि उनकी आवाज हटाने का फैसला उन्हें नीचा दिखाने के लिए लिया गया था। बल्कि उन्होंने उस समय मेकर्स की सोच को समझने की कोशिश की। उनके अनुसार, शायद निर्माता यह मानते थे कि नई अभिनेत्री के तौर पर उनकी आवाज दर्शकों को स्वीकार न हो, इसलिए यह फैसला लिया गया।
लेकिन रानी मुखर्जी की किस्मत ने तब करवट ली जब करण जौहर उनकी जिंदगी में आए। करण जौहर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ रानी के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। रानी ने बताया कि इस फिल्म में भी उनकी आवाज डब कराने का सुझाव दिया गया था, लेकिन करण जौहर अपने फैसले पर अडिग रहे।
रानी ने बताया,
“करण ने मुझसे साफ कहा था—‘रानी, मुझे तुम्हारी आवाज पसंद है और तुम ही इस फिल्म के लिए डब करोगी।’ उस दिन मुझे लगा कि मेरी आवाज मेरी ताकत है।”
करण जौहर के इस फैसले ने न सिर्फ रानी को उनकी असली पहचान दी, बल्कि इंडस्ट्री में भी एक नई सोच को जन्म दिया। रानी मानती हैं कि जब किसी बड़ी फिल्म में ऐसा साहसिक फैसला लिया जाता है, तो उसका असर पूरी इंडस्ट्री पर पड़ता है।
वर्कफ्रंट की बात करें तो ‘मर्दानी 3’ में रानी एक बार फिर एक खतरनाक अपराध नेटवर्क से टकराती नजर आएंगी। इस बार कहानी बाल तस्करी और भिखारी माफिया के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां उनका सामना एक निर्दयी महिला खलनायक अम्मा से होता है। यह फिल्म न्याय, संघर्ष और साहस की एक और दमदार कहानी पेश करेगी।
