- अंबेडकरनगर जिले में हुई घटना ने एक बार फिर किया पुराने जख्मों को ताजा
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। यूपी में दागी पुलिसकर्मी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हत्या, लूट, चोरी, डकैती, जुआ व ठगी कर रकम लूटने के मामलों में दागी पुलिस वाले पहले से ही सवालों के घेरे में हैं। इस बार अंबेडकरनगर जिले में एक युवक को सोना देने के नाम पर दो लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में दो सिपाही अनिल यादव व आदर्श यादव गिरफ्तार हुए तो इस घटना ने एक बार फिर पुराने जख्मों को ताजा कर दिया है।
पूराना है खाकी और जरायम का गठजोड़
24 जनवरी 2026 को अंबेडकरनगर जिले में सोना देने के नाम पर गोरखपुर के युवक से दो लाख रुपए ठग लिए गए। इस घटना में आम लुटेरे नहीं बल्कि खाकी वर्दीधारी शामिल रहे। इनका करतूत सामने आने पर एसपी अभिजीत आर शंकर ने दोनों दागी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यही नहीं दोनों पुलिसकर्मियों अनिल यादव व आदर्श यादव को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया। गौर करें तो वर्दी पर दाग लगाने का यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई दागी पुलिसकर्मी वर्दी के दामन पर दाग लगा चुके हैं। बीते कुछ समय पहले मड़ियांव थाने की पुलिस ने अपनी करतूत से खाकी का दामन दागदार कर दीपावली से पहले कारोबार के सिलसिले में आगरा से परिवार संग लखनऊ आए सर्राफा कारोबारी विशाल जैन को पुलिसकर्मियों ने वाहन चेकिंग के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपए रुपए ऐंठ लिया था। इस मामले का राजफाश होने पर तत्कालीन एसएसपी कलानिधि नैथानी तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, दरोगा दलवीर सिंह और आफताब आलम को लाइन हाजिर कर दिया था।
नौ मार्च 2019 को राजधानी की गोसाईगंज पुलिस की बेहद शर्मनाक करतूत सामने आई थी। ओमेक्स अपार्टमेंट में रहने वाले सुल्तानपुर के कोयला कारोबारी अंकित अग्रहरि के फ्लैट पर कालेधन की चेकिंग करने के नाम पर 1,85 करोड़ रुपए लूट लिए थे। कारोबारी ने दरोगा आशीष तिवारी व पवन मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मियों सहित सात के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज कराया था। वर्ष 2019 में लखनऊ के चर्चित श्रवण साहू हत्याकांड में भी दरोगा धीरेंद्र शुक्ला, अनिल व धीरेंद्र यादव गिरफ्तार के साथ साथ तत्कालीन एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बर्खास्त कर दिया था। वर्ष 2019 में ही सिपाही प्रशांत चौधरी ने शहीद पथ पर विवेक तिवारी को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया। यह तो महज बानगी भर है और भी न जाने कितने दागी पुलिसकर्मियों ने लूट, हत्या, चोरी, वसूली, ठगी व जुआ घर चलाने जैसी घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस महकमे को बदनाम करने में पीछे नहीं रहे।
