उत्तराखंड में UCC का एक साल: 4.7 लाख शादियां रजिस्टर्ड, लिव-इन रिश्ते के 68 रजिस्ट्रेशन

नया लुक ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू होने के एक साल पूरे हो चुके हैं। प्रदेश सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड के कई प्रावधानों में सुधार के लिए एक संशोधन अध्यादेश लागू किया। अध्यादेश में शादी और लिव-इन रिलेशनशिप में जबरदस्ती करने और धोखाधड़ी जैसे मामलों के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा करीब डेढ़ दर्जन बदलाव किए गए हैं। उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) की मंजूरी मिल गई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद तुरंत प्रभाव से यह लागू हो गया है।

उत्तराखंड सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड 2024 में जरूरी संशोधनों के लिए यह अध्यादेश लाया है। प्रदेश के लिए 27 जनवरी का दिन काफी अहम है। इस दिन यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला पूर्ण राज्य बना। धामी सरकार यूसीसी कानून लागू होने की वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस एक साल में यूनिफॉर्म सिविल कोड के तहत करीब 4 लाख 70 हजार शादियां रजिस्टर्ड हुई हैं। वहीं, लिव-इन रिलेशनशिप के लिए 68 जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन कराया। दो जोड़ों ने लिव-इन रिलेशनशिप टर्मिनेट के आवेदन किए और यह सर्टिफिकेट जारी किया गया। उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड संशोधन अध्यादेश में सरकार ने विवाह और वैवाहिक संबंधों से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और दंड के लिए भारतीय न्याय संहिता 2023 लागू की गई है। साथ ही, सचिव की जगह पर अपर सचिव को सक्षम अधिकारी बनाया गया है। लिव-इन रिलेशनशिप खत्म होने पर रजिस्ट्रार को टर्मिनेशन सर्टिफिकेट जारी करने और विधवा शब्द को जीवनसाथी से बदलने का प्रावधान किया है।

ये भी पढ़े

UP में वरिष्ठ IAS अधिकारी अनामिका सिंह का VRS मंजूर

अधिकारियों का कहना है कि अध्यादेश रजिस्ट्रार जनरल को शादी, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप और विरासत से संबंधित रजिस्ट्रेशन रद्द करने का अधिकार देता है। संशोधन अध्यादेश में प्रावधान किया गया है कि सब-रजिस्ट्रार तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने में असफल रहता है, तो मामले ऑटोमेटिक रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार जनरल को भेज दिए जाएंगे। सब-रजिस्ट्रार पर लगाए गए जुर्माने के खिलाफ अपील करने का अधिकार देता है। जुर्माने की वसूली भूमि राजस्व के रूप में करने का प्रावधान भी किया गया है। शादी के समय पहचान में गलत जानकारी देने पर विवाह निस्तारीकरण का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही शादी और लिव-इन रिलेशनशिप में जबरदस्ती, दबाव, धोखाधड़ी या गैर-कानूनी कार्यों के लिए सख्त दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी की वर्षगांठ के मौके पर कहा कि हमने अपना चुनावी वादा निभाते हुए 27 जनवरी 2025 को उत्तराखंड में यूसीसी लागू किया था। आज इसका एक साल पूरा हुआ है। शुरुआती दौर में यूसीसी को लेकर भ्रम फैलाने की पूरी कोशिश की गई। आज इसके एक साल पूरे होने पर सभी भ्रम खत्म हुए हैं। विपक्ष पर निशाना चाहते हुए सीएम धामी ने कहा कि यूसीसी को लेकर फैलाने की विपक्ष की सारी कोशिश फेल हो गई। वह असफल रहे हैं। सीएम धामी ने कहा कि यूसीसी की यह गंगोत्री पूरे देश में अब अपना प्रभाव दिखाएगी। अपने प्रदेशवासियों को बहुत बधाई देता हूं कि उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे संकल्प को पूरा करने के लिए हमको अपना आशीर्वाद दिया था। उत्तराखंड के अंदर पहली बार एक मिथक तोड़ा था। दोबारा चुनकर हमें सेवा करने का हमें अवसर प्रदान किया और हमने अपने वचन को निभाया।

homeslider International Politics

बालेन सरकार में नर्स बनी स्वास्थ्य मंत्री

संपूर्ण नर्सिंग परिवार के लिए गौरव का क्षण – एम्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग नई दिल्ली उमेश चन्द्र त्रिपाठी काठमांडू। नेपाल में नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में नई सरकार ने कमान संभाल ली है। इस सरकार में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से संबद्ध रखने वाली मेडिकल प्रोफेशनल निशा मेहता को स्वास्थ्य मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी […]

Read More
homeslider International Politics

पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश कुमार लेखक की गिरफ्तारी से नेपाल में पसरा सन्नाटा

दहशत में हैं भ्रष्टाचारी नेता और अफसर उमेश चन्द्र त्रिपाठी काठमांडू।  नेपाल में सत्ता परिवर्तन की अनुभूति का आगाज आगजनी और प्रदर्शनों से होगा, नेपाल की जनता ने ऐसा नहीं सोचा था। ठीक है राजनीति में “बदले की भावना” भी एक अध्याय है लेकिन इसके लिए थोड़ा इंतजार ठीक था। माना कि पूर्व पीएम और […]

Read More
Education homeslider International

नेपाल में शिक्षा माफियाओं पर बालेन सरकार का शिकंजा

15 दिनों में कोचिंग सेंटर बंद करने का आदेश उमेश चन्द्र त्रिपाठी भैरहवा। नेपाल की बालेन सरकार ने शिक्षा के नाम पर चल रहे कोचिंग धंधे पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी और ब्रिज कोर्स के नाम पर छात्रों और […]

Read More