नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग को यातायात के लिए खोलने के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी आवागमन रहता है। बाईपास के निर्माण से वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान होगा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सुगम आवागमन सुविधा मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 18.15 किलोमीटर लंबे बाईपास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉटमिक्स किया जा चुका है। शेष मार्ग में पहाड़ कटिंग, कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों सहित अन्य आवश्यक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। परियोजना के अंतर्गत रातीघाट में अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी निर्मित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के चालू होने से कैंचीधाम के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी वैकल्पिक, सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग मिलेगा, जिससे पर्यटन और स्थानीय आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भवाली बाईपास सड़क एवं शिप्रा नदी पर बने 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इसके शुरू होने से भवाली बाजार में वर्षों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा और पर्यटन सीजन में यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस दौरान डीएम ललित मोहन रयाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा किया था, जिसे सरकार ने अपने संकल्प के अनुरूप पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार की जनता के प्रति प्रतिबद्धता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड गंगा, यमुना, आदि कैलाश, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसी पवित्र धार्मिक स्थलों की भूमि है, और इसी पावन भूमि से समानता, न्याय और सामाजिक समरसता का संदेश पूरे देश को दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में निहित भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता को लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि 27 जनवरी को राज्य में यूसीसी लागू होने के एक वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, जिसे राज्यभर में “यूसीसी दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद एवं अन्य आयोजन किए जाएंगे।
