- स्विस रिपोर्ट में सीजफायर की असली वजह उजागर
भारतीय वायुसेना की रणनीतिक बढ़त और तकनीकी क्षमता ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को सीजफायर की राह अपनाने पर मजबूर कर दिया था। यह खुलासा स्विट्जरलैंड के प्रतिष्ठित सैन्य थिंक टैंक सेंटर डी’हिस्टोयर एट डे प्रॉस्पेक्टिव मिलिटेयर्स (CHPM) की एक विस्तृत रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए चार दिवसीय सैन्य अभियान ने पाकिस्तान की वायु रक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया।
पुली (स्विट्जरलैंड) स्थित CHPM द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट का शीर्षक “Operation Sindoor: The India-Pakistan Air War” है। इसे स्विस वायुसेना के सेवानिवृत्त मेजर जनरल एड्रियन फॉन्टानेलाज ने लिखा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक और सीमित हमले किए।
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रिपोर्ट के मुताबिक, 9-10 मई की रात पाकिस्तानी वायुसेना ने Yihaa III, Bayraktar TB2 और Akinci जैसे आधुनिक ड्रोनों से भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारत की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में वह नाकाम रही। जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम, रडार नेटवर्क और मिसाइल बैटरियों को टारगेट किया।
स्विस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत ने इजरायली तकनीक से लैस Harop और Harpy लूटेरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल कर चुनियां और पासरूर में पाकिस्तानी अर्ली-वार्निंग रडार नष्ट कर दिए। 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तान के कई F-16 और JF-17 विमानों को भी नुकसान पहुंचा। इन हमलों के बाद पाकिस्तान की हवाई निगरानी क्षमता बुरी तरह कमजोर हो गई, जिसके चलते उसे सीजफायर की मांग करनी पड़ी।
