नई दिल्ली। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर के करीब हैं और यह अब तक का सबसे बड़ा समझौता होगा। सुश्री लेयेन ने मंगलवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) को संबोधित करते हुए कहा कि दावोस के बाद अगले सप्ताहांत में वह भारत की यात्रा करेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी कुछ काम शेष है। उन्होंने कहा, “और दावोस के तुरंत बाद अगले सप्ताहांत में मैं भारत की यात्रा करूंगी। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बिल्कुल करीब हैं। वास्तव में, कुछ लोग इसे सभी समझौतों की जननी कहते हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता दो अरब लोगों का मुक्त बाजार तैयार करेगा। इसमें शामिल पक्ष वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में लगभग एक चौथाई योगदान करते हैं।
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उन्होंने कहा कि इससे यूरोप को दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते और गतिशील क्षेत्रों में से एक (भारत) के साथ पहले समझौता करने का लाभ मिलेगा। यूरोपीय आयोग अध्यक्ष ने कहा कि यूरोप मौजूदा दौर में आर्थिक वृद्धि के केंद्रों और इस सदी की आर्थिक शक्तियों के साथ व्यापार करना चाहता है जिसमें लैटिन अमेरिका से लेकर हिन्द प्रशांत और उससे आगे तक के क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ ऑस्ट्रेलिया के साथ एक नए मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत कर रहा है।
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इसके अलावा वह फिलीपींस, मलेशिया, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ भी समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, कि यूरोप दुनिया को चुनेगा और दुनिया भी यूरोप को चुनने के लिए तैयार है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इसके बाद वे 27 जनवरी को संयुक्त रूप से भारत-यूरोपीय शिखर सम्मेलन की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सह-अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।(वार्ता)
