लखनऊ।उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने अपने प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे बेटे की ही हत्या करवा दी। बुढ़ाना क्षेत्र के कुरथल गांव में चार साल पहले हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने मां मुनेश और उसके प्रेमी सतेंद्र उर्फ नाधा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना 7 अगस्त 2022 की है। उस दिन किशोर आशीष काला घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। अगले दिन 8 अगस्त को उसका शव गांव के बाहर एक ट्यूबवेल के हौज में पड़ा मिला। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती तौर पर आशीष की मां मुनेश ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस जांच ने चौंकाने वाली सच्चाई उजागर कर दी।
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पुलिस जांच में सामने आया कि मुनेश का गांव के ही सतेंद्र उर्फ नाधा के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था। सतेंद्र का अक्सर घर आना-जाना आशीष को पसंद नहीं था और वह इसका खुलकर विरोध करता था। यही विरोध धीरे-धीरे उसके लिए जानलेवा साबित हुआ। जांच के मुताबिक, घटना वाले दिन आशीष की अपनी मां से इसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। झगड़े के बाद आशीष गुस्से में घर छोड़कर ट्यूबवेल की ओर चला गया। कुछ समय बाद मुनेश और सतेंद्र भी वहां पहुंचे। दोनों ने मिलकर आशीष का गला दबाया और उसकी हत्या कर शव को हौज में फेंक दिया।
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पुलिस ने साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर मां मुनेश और सतेंद्र को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ हत्या की धारा में चार्जशीट दाखिल की गई। मामले की सुनवाई जिला जज बीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत में हुई, जहां अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य पेश किए। अदालत ने शुक्रवार को दोनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मुनेश विधवा है और सतेंद्र की पत्नी का भी निधन हो चुका है, वह आर्थिक रूप से कमजोर है। हालांकि, अदालत ने इन तर्कों को खारिज करते हुए अपराध की गंभीरता को प्राथमिकता दी। अभियोजन पक्ष ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करते हुए उम्रकैद का फैसला सुनाया। यह मामला समाज के सामने एक कड़वी सच्चाई रखता है, जहां अवैध संबंधों की आग में रिश्तों का कत्ल हो गया।
