लम्बे समय तक अपने साथी के साथ रहते हुए आपकी जीवन शैली में कई बदलाव आ चुके होते हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि किसी को छोड़ देने कि अपेक्षा किसी के द्वारा छोड़ दिया जाना अधिक पीड़ादायक होता है। आप सोच रहे होंगे कि आपके दुखी होने के बाद वह आपके पास दोबारा आएगा। इसलिए एक प्रण करें की वह बेवफा थी, है और रहेगी। उसको मैं भूल जाऊंगा और उसके बिना मैं खुश हूँ और इस दर्द से बाहर निकल जाऊंगा।
पुरुष महिलाओं से बलशाली और बहादुर चाहे नजर आएं, लेकिन रिश्तों में दरार आने अथवा टूटने पर उन्हें अधिक तकलीफ होती है। अमेरिका में वाके फोरेस्ट यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि किसी महिला से संबंधों में खटास आने पर युवा पुरुष के दिलोदिमाग पर जबर्दस्त असर पड़ता है। वजह यह है कि महिलाएं जहां अपने तनाव को मित्रों में साझा कर लेती है वहीं पुरुष भीतर ही भीतर घुटने लगता है और नकारात्मक सोच उसके जेहन में घर कर जाती है। नतीजतन वह शराब जैसी लत का दामन पकड़ लेता है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग की पूर्व हेड लखनऊ विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग कहती हैं कि दिमाग से उस धोखेबाज निकाल दें क्यूंकि जिसने आपका दिल तोड़ा है। इसका मतलब है कि वह शख्स आपके लायक था ही नहीं। अच्छा हुआ ये कि उसकी असलियत जल्द ही आपके सामने आ गई। अपने भविष्य के बारे में सोचो और अपना सारा गुस्सा उस काम को करने में लगाओ। इससे आप भी खुश होंगे और आपके परिवार वाले भी।
अमेरिकी प्रोफेसर राबिन शिमन कहती हैं कि सर्वेक्षण से यह बात सामने आई कि युवक बहुत कम लोगों में विश्वास करते हैं जबकि महिलाएं अपने परिजनों और मित्रों के साथ अधिक करीबी संबंध रखती हैं। इसकी एक वजह युवकों में पहचान और आत्मसम्मान की अधिक भावना भी है। उनके अनुसार एक तथ्य यह है कि पुरुष और महिला अलग अलग तरीके से भावनाओं को अभिव्यक्त करते हैं। महिलाओं में भावात्मक पीड़ा अवसाद में झलकती है जबकि पुरुषों में यह ठोस समस्याएं लेकर सामने आती है।
शिमन कहती हैं कि वह नतीजों को देखकर हैरत में पड़ गईं क्योंकि आम सोच यह थी कि रिश्तों में भावात्मक उथल-पुथल की शिकार महिलाएं जल्द हो जाती है। उन्हें यह यह जानकर आश्चर्य हुआ कि रिश्तों में उतार चढ़ाव का युवकों पर अधिक प्रतिक्रिया होती है। लेकिन अगर रोमांस सही चल रहा है तो पुरुष अधिक लाभांवित रहता है। सर्वेक्षण 1000 अवैवाहिक युवक युवतियों पर किया गया जिनकी उम्र 18 से 23 साल के बीच थी। मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे अध्ययन और प्रौढ़ होने की प्रक्रिया पर किया गया यह अध्ययन हेल्थ एंड सोशल बिहेवियर नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ था।
ब्रेक-अप से उभरने के लिए टिप्स

इस बारे में सोचना सामान्य है। लेकिन इस सोच में डूब जाना आपको इस मुश्किल से बाहर नहीं निकलने देगा। अपनी गलतियों और अपने अतीत से सीखना अच्छी बात है। इस सोच से बाहर निकलना मुश्किल है लेकिन पूरे मन से प्रयास कीजिये और अपने दिमाग को दूसरी और लगाइये। धयन रहे कि आपका असल उद्देश्य इस सब से बाहर निकल कर फिर से सामान्य होना ही है।
उसके जाने का अफसोस न करेः
अफ़सोस उसका करना होता है जो आपकी भावनाओं को समझे आपको ख़ुशी दे। जो आपकी भावनाओं से खेलकर आपको धोखा दे गया, आपके प्यार को नहीं समझ पाया ऐसे धोखेबाज को अपने दिल और दिमाग से निकाल फेंक दो, ये समझो कि आपके प्यार के लायक था ही नहीं।
निकाल दें पुरानी यादें
इसलिए जितना भी हो सके आप उससे जुडी बातों को जल्द भूलने की कोशिश करें। प्यार में धोखा मिले तो अक्सर हमें पुरानी बातों की याद बहुत आती है। हम जब भी किसी कपल या मूवी को देखते हैं तो उससे जुडी हर बाद हमें बार याद आती है जिससे हम और ज्यादा परेशान हो जाते हैं और हमारा दर्द ज्यादा बढ़ जाता है। हर समय उससे जुडी बातों को सोचकर अपने आपको दुखी न करें। इससे अच्छा आप ज़िन्दगी में आगे बढ़ने की सोचें। उससे जुडी हर चीज जैसे फोटो, ग्रीटिंग्स को फाड़कर जला दें। इसके अलावा आप उसके कांटेक्ट नंबर, इमेल्स, मेस्सगेस सब कुछ डिलीट कर दें। ऐसा करने में आपको थोड़ा तकलीफ होगी लेकिन आने वाले समय में फायदेमंद होगा।
खुद को व्यस्त रखे
प्यार में धोखा मिलने के बाद आप खुद को जितना बिजी रखेंगे आपके लिए ही फायदेमंद होगा। अगर आप उसकी यादों में ही दुखी रहेंगे तो आपको और ज्यादा परेशानी होगी। इसलिए आप किसी नए काम को करने में, दोस्तों के साथ, डांस करना, मूवी देखना, पढाई करना, घूमना आदि कार्य करके अपने आपको व्यस्त रखें।
दोस्तों के साथ समय बिताएं

जब भी किसी इंसान का दिल टूटता है तो उसका मन अकेले रहने को करता है, लेकिन याद रखें कि जब आप अकेले रहोगे तो आपके दिमाग में उसी की बातें आती रहेंगी। इसलिए आप जितना हो सके ऐसी जगह जाएं जहां आप दिल खोलकर हंस सकें और और जहां आपको ख़ुशी मिलती हो।
नकारात्मक सोच न हावी होने दें
अगर वह धोखेबाज है तो भी आप बुरा करने या बदला लेने की कोशिश न करें। बदला लेने की कोशिश में बात और ज्यादा बिगड़ जाती है जिससे आपके पहले से भी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। वैसे जो धोखा देता है उसे कभी न कभी उसका फल जरूर मिलता है। आप उसे भूलने के लिए खुद को गंदी आदतों में न डालें। नशे की लत से आपका ही शरीर नष्ट होगा और आप ज्यादा बीमारियों के घेरे में आएंगे। इससे आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा, स्वास्थ्य और परिवार के लिए हानिकारक बात होगी। इसलिए अपने दिमाग से नकारात्मक विचार निकालकर अच्छे सकारात्मक विचार रखें। पॉजिटिव सोच रखने वालों की कभी हार नहीं होती।
