नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस हुई दो फाड़

Untitled 21 copy 4
  • वैद्यता को लेकर चुनाव आयोग पहुंचा दोनों गुट
  • विशेष सम्मेलन में गगन थापा को चुना गया नया अध्यक्ष

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

काठमांडू। नेपाली राजनीति में बुधवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब देश की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस औपचारिक रूप से तीसरी बार दो हिस्सों में बंट गई। पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और महासचिवों गगन थापा तथा विश्व प्रकाश शर्मा के बीच चल रही बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद विभाजन तय हो गया। बुधवार को आयोजित विशेष सम्मेलन में गगन थापा को सर्वसम्मति से नेपाली कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुन लिया गया। थापा 49 वर्ष के हैं और उन्हें पार्टी में युवा चेहरे के तौर पर देखा जाता है। वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक वह अध्यक्ष पद के लिए इकलौते उम्मीदवार थे, जिस कारण चुनाव की जरूरत नहीं पड़ी। असल में पाटी में टकराव तब और गहरा गया जब गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा ने शेर बहादुर देउबा से अध्यक्ष पद छोड़ने और आगामी संसदीय चुनाव न लड़ने की मांग की। दोनों नेताओं का कहना था कि यह कदम सितंबर में हुए युवा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले जेन-Z युवाओं की भावनाओं के सम्मान में जरूरी है। ‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है।

नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस 1950 में गठन के बाद तीसरी बार टूट गई है। इससे पहले पार्टी 1953 में विशेश्वर प्रसाद कोइराला और मातृका प्रसाद कोइराला के टकराव के कारण और 2002 में माओवादी विद्रोह के दौर में प्रतिनिधि सभा भंग किए जाने के बाद विभाजित हो चुकी है। ताजा टूट को पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। गगन थापा ने पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि अब नेपाली कांग्रेस को अपना चेहरा बदलना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी उस सरकार का हिस्सा रही है जिसने के पी शर्मा ओली के नेतृत्व में युवाओं के आंदोलन को दबाने की कोशिश की। थापा के मुताबिक अगर पार्टी को दोबारा जनता का भरोसा जीतना है तो उसे नए नेतृत्व और नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। विवाद उस समय चरम पर पहुंच ‌गया जब असंतुष्ट गुट ने 11 और 12 जनवरी को काठमांडू के भृकुटी मंडप में विशेष सम्मेलन आयोजित किया। देउबा गुट इस सम्मेलन के खिलाफ था और वह आम चुनाव के बाद मई में 15 वां महाधिवेशन कराने के पक्ष में था।

बातचीत टूटने के बाद देउबा गुट ने एक नोटिस जारी कर गगन थापा, विश्व प्रकाश शर्मा और संयुक्त महासचिव फार्मुल्लाह मंसूर को पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा कर दी। इसके जवाब में शर्मा ने कहा कि विशेष सम्मेलन ने इस निष्कासन को खारिज कर दिया है और असली पार्टी वही है जिसे सम्मेलन का समर्थन हासिल है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए गगन थापा ने दावा किया कि उनके गुट को 60 प्रतिशत से ज्यादा प्रतिनिधियों का समर्थन मिला है। उन्होंने देउबा के नेतृत्व वाली केंद्रीय समिति को भंग करने का भी ऐलान किया। जानकारी के मुताबिक नेपाली कांग्रेस के दोनों गुट एक ही दिन चुनाव आयोग पहुंचे हैं और अब पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर कानूनी लड़ाई तय मानी जा रही है। इस विभाजन को नेपाल की राजनीति में एक बड़े मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले चुनावों पर साफ नजर आ सकता है।

Spread the love

Crime News homeslider

एक पिता की दुर्दांत कहानी सुनकर दहल गई दिल्ली

पैर छुए, फिर किया वार, पिता ने किया प्रैग्नेंट बेटी का कत्ल DelhiCrime news : राजधानी दिल्ली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दक्षिणी दिल्ली में रहने वाली 18 वर्षीय गर्भवती युवती की उसके पिता ने कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को आगरा के पास चंबल नदी में […]

Spread the love
Read More
Pakistan-Türkiye-Saudi alliance
International

पाकिस्तान-तुर्किए-सऊदी की नई दोस्ती, क्या बदलने वाला है अमेरिका का दबदबा?

Pakistan-Türkiye-Saudi alliance : पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब के बीच हुआ नया रक्षा समझौता चर्चा में है। सात अगस्त को तीनों देशों ने एक आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे मक्का संयुक्त रक्षा समझौता बताया जा रहा है। इस समझौते ने क्षेत्रीय सुरक्षा […]

Spread the love
Read More
homeslider National

भारत छोड़ो आंदोलन: 1942 की वो क्रांति, जिसने अंग्रेजों को हिला दिया

Quit India Movement : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में आठ अगस्त का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 1942 में इसी दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ था। इस आंदोलन को अगस्त क्रांति के नाम से भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य भारत से ब्रिटिश शासन […]

Spread the love
Read More