बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मंगलवार की सुबह अचानक दहशत में बदल गई, जब बागेश्वर और आसपास की घाटियों में सुबह 7 बजकर 25 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने तीव्र थे कि कड़कड़ाती ठंड के बावजूद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक भूकंप से कुछ सेकंड पहले धरती के भीतर से जोरदार गड़गड़ाहट सुनाई दी। इसके बाद मकानों के दरवाजे, खिड़कियां और फर्नीचर हिलने लगे। कपकोट, गरुड़ और बागेश्वर बाजार समेत कई गांवों में कुछ देर तक अफरा-तफरी मची रही।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र बागेश्वर-पिथौरागढ़ सीमा क्षेत्र के पास बताया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र ने तत्काल सभी तहसीलों को अलर्ट जारी कर दिया है। राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें दूरस्थ गांवों से नुकसान की रिपोर्ट जुटा रही हैं।फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार बागेश्वर जिला हिमालयी भूकंपीय क्षेत्र के जोन-5 में आता है, जो देश का सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है।
