समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से विधायक विजय सिंह गोंड का गुरुवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और लखनऊ के एसजीपीजीआई अस्पताल में इलाज चल रहा था। 71 वर्षीय विजय सिंह गोंड के निधन से उत्तर प्रदेश की राजनीति, खासकर आदिवासी समाज को गहरा नुकसान पहुंचा है।
परिजनों के अनुसार, किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के चलते उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। उनके निधन की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है।
अखिलेश यादव का भावुक संदेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विजय सिंह गोंड के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी समाज और गरीबों के हक की लड़ाई में लगा दिया। अखिलेश यादव ने उन्हें जमीन से जुड़ा नेता बताते हुए कहा कि जनता ने उन्हें बार-बार विधायक बनाकर सम्मान दिया।
दुद्धी विधानसभा सीट को आदिवासी राजनीति का मजबूत केंद्र माना जाता है। विजय सिंह गोंड को यहां दशकों तक अपार जनसमर्थन मिला। उन्हें आदिवासी समाज का मार्गदर्शक और संरक्षक माना जाता था। इसी वजह से लोग उन्हें ‘पितामह’ कहकर संबोधित करते थे।
विजय सिंह गोंड ने 1980 में कांग्रेस से विधायक बनकर राजनीति में कदम रखा। 1989 में वे निर्दलीय विधायक चुने गए। इसके बाद जनता दल और समाजवादी पार्टी के टिकट पर उन्होंने कई चुनाव जीते। वे कुल आठ बार विधायक बने। 2017 और 2022 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2024 के उपचुनाव में उन्होंने जोरदार वापसी की।
उनके निधन से दुद्धी ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र में राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है। आने वाले समय में उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
