सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर में फैले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह भारतीय रेलवे ही नहीं, बल्कि 40 से अधिक सरकारी विभागों और संस्थानों के नाम पर युवाओं को ठग रहा था। यह मामला सामने आने के बाद नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में हड़कंप मच गया है।
शुरुआती जांच में यह घोटाला रेलवे भर्ती से जुड़ा बताया गया था, लेकिन जब ईडी ने गहराई से जांच की तो पता चला कि गिरोह ने कई केंद्रीय और राज्य सरकारी विभागों के नाम का दुरुपयोग किया। आरोपी सरकारी वेबसाइट जैसे दिखने वाले ईमेल अकाउंट और फर्जी दस्तावेजों के जरिए युवाओं को जाल में फंसाते थे।
ज्वॉइनिंग लेटर और ट्रेनिंग का झांसा
पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे जाते थे और कुछ मामलों में ट्रेनिंग जॉइन कराने का दावा भी किया गया। भरोसा बढ़ाने के लिए कुछ उम्मीदवारों को शुरुआती महीनों में वेतन भी दिया गया। इसके बाद उनसे प्रोसेसिंग फीस, पोस्टिंग चार्ज और अन्य खर्चों के नाम पर बड़ी रकम ली जाती थी।
ईडी ने बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और गुजरात समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस नेटवर्क का संचालन संगठित तरीके से किया जा रहा था और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे मामले को मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से भी देख रहा है। छापेमारी के दौरान कई डिजिटल सबूत, बैंक लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद होने की संभावना जताई जा रही है।
युवाओं के लिए चेतावनी
इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों ने युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी सरकारी नौकरी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
