“डोनाल्ड ट्रंप पर वही कार्यवाही हो, जो एक आतंकवादी पर होती है” विश्वात्मा

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गोवर्धना /बक्सा। विश्व परिवर्तन मिशन के संस्थापक तथा अंतर्राष्ट्रीय राजव्यवस्था पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक श्री विश्वात्मा ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति किसी पर आरोप लगाकर जाकर उसे उसके घर से उठाकर ले आए, तो वह गिरफ्तारी नहीं बल्कि अपहरण होता है। इसलिए अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति के साथ जो व्यवहार किया है, वह गिरफ्तारी नहीं, अपितु एक आतंकवादी कार्यवाही है। अतः ट्रंप की गिरफ्तारी के लिए अंतर्राष्ट्रीय अदालत को वारंट जारी करना चाहिए। उनको वही सज़ा दी जानी चाहिए, जो एक आतंकवादी को दी जाती है।

विश्वात्मा बक्सा जिले के गोवर्धना में आयोजित एक पुनर्जागरण सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि दुनिया ने इस घटना को हल्के में लिया, तो तीसरा विश्व युद्ध रोका नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने विश्व में कानून का शासन लागू करने के लिए 193 देशों को संयुक्त राष्ट्र संघ को अपग्रेड कर “संयुक्त राष्ट्रीय सरकार” के रूप में रूपांतरित करने का प्रस्ताव गत वर्ष भेजा था तथा भारत के विदेश राज्य मंत्री से मुलाकात कर भारत में एक शांति मंत्रालय बनाने का निवेदन किया था।  विश्वात्मा ने कहा कि नई विश्व व्यवस्था के निर्माण हेतु भारत नेतृत्व करे, इसकी पूरी जिम्मेदारी उठाने की उन्होंने पेशकश भी की थी, किंतु अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह प्रस्ताव भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के ठंडे बस्ते में पड़ा है।

‘विश्व व्यवस्था पर लोकतंत्र की पुनर्खोज’ नामक पुस्तक के लेखक विश्वात्मा ने कहा कि अमेरिका के अंदर की किसी भी अदालत को अंतर्राष्ट्रीय अदालत का दर्जा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अपराध का आरोप लगने पर किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी होती है, उसी प्रकार अपराध का आरोप लगने पर अमेरिका और वेनेजुएला सहित दुनिया के किसी भी देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए।

विश्वात्मा ने कहा कि इसीलिए यह आवश्यक है कि दुनिया तत्काल एक अंतर्राष्ट्रीय संधि करे और हेग में स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को संप्रभुता में उसका अंश प्रदान किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के चंगुल से छुड़ाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के हवाले कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस न्यायालय को प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए कानूनों की आवश्यकता है। इन कानूनों के निर्माण हेतु एक विश्व संसद की तत्काल आवश्यकता है। साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के आदेशों को लागू करने के लिए एक “संयुक्त राष्ट्रीय सरकार”, अर्थात विश्व सरकार, की भी तुरंत जरूरत है। उन्होंने कहा कि जैसे देश के अंदर कानून के शासन की आवश्यकता है, वैसे ही विश्व स्तर पर भी कानून का शासन होना चाहिए।

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