- DM-SP की मौजूदगी में छापेमारी, 40 से 50 घरों तक फ्री बिजली सप्लाई
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी के बड़े गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। लगातार मिल रही शिकायतों और 51 प्रतिशत तक पहुंच चुके बिजली लाइन लॉस के बाद जिला प्रशासन और बिजली विभाग ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई शुरू की। इस दौरान खुद जिलाधिकारी राजेन्द्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक के.के. बिश्नोई मौके पर मौजूद रहे और गली-गली पैदल निरीक्षण किया।
छापेमारी में सामने आया कि कुछ इलाकों में संगठित तरीके से बिजली चोरी की जा रही थी। बिजली के मेन पोल से अवैध कनेक्शन लेकर कटिया के जरिए दर्जनों घरों तक सप्लाई दी जा रही थी। हैरानी की बात यह रही कि चोरी के तारों को जमीन के अंदर और कचरे के नीचे छिपाया गया था, ताकि बाहर से कोई पहचान न सके।
ऐसे हो रहा था बिजली चोरी का खेल
जांच में पता चला कि बिजली चोर पहले मुख्य लाइन से कनेक्शन लेते थे। इसके बाद तार को सड़क किनारे जमीन के नीचे दबाया जाता और ऊपर से कूड़ा डाल दिया जाता था। फिर घरों की दीवारों में छेद करके तार अंदर ले जाया जाता था। इस पूरे सिस्टम से 40 से 50 घर बिना मीटर और बिना बिल के बिजली इस्तेमाल कर रहे थे।
संभल के राय सत्ती मोहल्ले में छापेमारी के दौरान आसिफ नामक व्यक्ति के तीन मंजिला मकान से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी पकड़ी गई। मकान के बाहर खुलेआम पोल से कटिया डालकर बिजली ली जा रही थी। इसी एक कनेक्शन से आसपास के दर्जनों घरों में सप्लाई दी जा रही थी।
बिजली विभाग के मुताबिक, इस परिवार पर पहले भी बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और मीटर हटाए जा चुके थे। छापेमारी के दौरान घर के बाहर कई सीसीटीवी कैमरे लगे मिले, जिससे रेड की सूचना पहले ही मिल सके। गली को कवर कर उस पर लेंटर डालकर पूरी तरह निजी बिजली नेटवर्क जैसा सिस्टम खड़ा किया गया था।
सराय तरीन इलाके में भी बिजली चोरी की शिकायत पर छापेमारी की गई। यहां एक मकान से बिजली का तार एक मस्जिद के ऊपर से होकर पीछे बने दूसरे घर तक ले जाया गया था। जांच में सामने आया कि किराएदार के नए घर में मीटर नहीं था, इसलिए एक ही मीटर से दूसरे घर में बिजली सप्लाई दी जा रही थी, जो नियमों के खिलाफ है। इस पर बिजली विभाग ने तत्काल लाइन काट दी।
एसपी के.के. बिश्नोई ने बताया कि जिले में बिजली चोरी के कारण भारी नुकसान हो रहा है। इसी वजह से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
